वाराणसी। चुप्पेपुर स्थित वाराणसी पत्रकारपुरम में नियम विरुद्ध बाहरी लोगों को अपने भूखण्ड बेच रहे आवंटी पत्रकारों के खिलाफ काशी पत्रकार संघ इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष कृष्णदेव नारायण राय और उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) वाराणसी इकाई के अध्यक्ष विनोद कुमार बागी की संयुक्त अध्यक्षता में शनिवार को पराड़कर स्मृति भवन में हुई आवंटियों की बैठक में यह फैसला किया गया।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश शासन की विशेष योजना के तहत वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने वाराणसी के लगभग पौने दो सौ पत्रकारों को अविकसित भूखण्ड आवंटित किया था। उस समय शासन स्तर पर यह निर्णय भी लिया गया था कि योजना के विकास की जिम्मेदारी प्राधिकरण की नहीं होगी बल्कि पत्रकार संघ अपने संसाधनों से विकास कराएगा। इसी क्रम में दोनों पत्रकार संगठनों ने जनप्रतिनिधियों की निधियों से स्वीकृत लगभग 1.25 करोड़ रुपये से पत्रकारपुरम् में सड़क, सीवर व पेयजल आदि की व्यवस्था करायी है। विद्युतीकरण सहित कुछ कार्य अभी शेष हैं।
बैठक में इस मुद्दे पर गम्भीरता से विचार किया गया कि हाल के महीनों में कई आवंटी पत्रकारों ने वीडीए को धोखे में रखकर गलत बयानी के सहारे ऊंचे दामों पर अपने प्लाट बेचे हैं। बैठक में निर्णय लिया गया ऐसे आवंटियों की रजिस्ट्री शून्य करने की माननीय उच्च न्यायालय से मांग की जाएगी। बैठक में योगेश कुमार गुप्त के संयोजकत्व में 12 सदस्यीय एक तदर्थ समिति गठित की गयी। समिति के अन्य सदस्यों में सर्वश्री कृष्णदेव नारायण राय, विनोद कुमार बागी, राजेन्द्र रंगप्पा, प्रदीप सिंह, प्रदीप कुमार, अजय राय, अनिल अग्रवाल, बृजेश सिंह, गिरीश दुबे, राकेश चतुर्वेदी व संजय प्रसाद सिंह शामिल है। यह समिति पत्रकारपुरम की समस्याओं के निराकरण और बचे विकास कार्यों की दिशा में कार्य करेगी।






