इस्राइली राजनयिक की कार पर हमले के मामले में गिरफ्तार पत्रकार सैयद मोहम्मद काजमी को उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को जमानत दे दी। वह छह मार्च से जेल में बंद थे। प्रधान न्यायाधीश अल्तमस कबीर के नेतृत्व वाली पीठ ने उसे जमानत प्रदान करते हुए निर्देश दिया कि वह अपना पासपोर्ट संबंधित अधिकारियों को जमा करा दे। काजमी के विदेश जाने पर भी रोक लगा दी गई है।
पीठ ने यह फैसला काजमी की अपील पर किया जिसमें उसने जमानत आग्रह खारिज किए जाने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। ईरान के एक अखबार के लिए लिखने का दावा करने वाले काजमी को जांच में यह पाए जाने के बाद गिफ्तार किया गया था कि वह 13 फरवरी को इस्राइली राजनयिक ताल येहोशुआ की कार पर चुंबक बम चिपकाने वाले संदिग्ध के संपर्क में था।
काजमी पर आरोप है कि उसने राजनयिकों के आगमन-प्रस्थान की जानकारी लेने के लिए इस्राइली दूतावास की टोह लेने में संदिग्ध की मदद की थी। मामले के अनुसार मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति ने राजनयिक की कार पर चुंबक बम चिपका दिया था। इससे हुए विस्फोट में इस्राइली डिफेंस अताशी कर्नल योसी रेफेलोव की पत्नी एवं राजनयिक ताल येहोशुआ कोरियन (42) तथा उनके भारतीय चालक सहित चार लोग घायल हो गए थे। (एजेंसी)