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एमपी सरकार वरिष्‍ठ पत्रकारों को हर महीने देगी पांच हजार रुपये

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ और बुजुर्ग पत्रकारों के लिए श्रद्धा-निधि योजना को स्वीकृति दी है। शासन ने श्रद्धा-निधि के लिए नियम, शर्तें व योजना भी जारी की है। श्रद्धा-निधि ऐसे पूर्णकालिक अधिमान्य पत्रकार को दी जाएगी, जो किसी दैनिक, साप्ताहिक समाचार-पत्र में कम से कम बीस साल तक सवैतनिक कार्य करते रहे हों और उनकी आयु एक जुलाई, 2012 की स्थिति में 62 साल हो। उन्हें हर महीने पांच हजार रुपए श्रद्धा-निधि के रूप में देने का फैसला लिया गया है। श्रद्धा-निधि शुरुआत में पांच साल के लिए दी जाएगी।

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ और बुजुर्ग पत्रकारों के लिए श्रद्धा-निधि योजना को स्वीकृति दी है। शासन ने श्रद्धा-निधि के लिए नियम, शर्तें व योजना भी जारी की है। श्रद्धा-निधि ऐसे पूर्णकालिक अधिमान्य पत्रकार को दी जाएगी, जो किसी दैनिक, साप्ताहिक समाचार-पत्र में कम से कम बीस साल तक सवैतनिक कार्य करते रहे हों और उनकी आयु एक जुलाई, 2012 की स्थिति में 62 साल हो। उन्हें हर महीने पांच हजार रुपए श्रद्धा-निधि के रूप में देने का फैसला लिया गया है। श्रद्धा-निधि शुरुआत में पांच साल के लिए दी जाएगी।

योजना के अनुसार श्रद्धा-निधि केवल उन पत्रकारों को दी जाएगी, जिन्हें राज्य शासन से कोई अन्य नियमित सहायता प्राप्त नहीं हो रही हो। अधिमान्य पत्रकार को यह शपथ-पत्र देना होगा कि वह आयकरदाता की श्रेणी में नहीं आता। यह पात्रता उन अधिमान्य पत्रकारों को होगी जो जनसंपर्क संचालनालय मध्य प्रदेश से कम से कम 10 वर्ष अधिमान्य रहे हों। एक पत्रकार को हर महीने पांच हजार रुपए तक श्रद्धा-निधि की पात्रता होगी।

इसी प्रकार अधिमान्य पत्रकार को बैंक में बचत-खाता खुलवाना होगा, जिससे उनके बैंक खाते में राशि जमा की जा सके। इसके लिए पत्रकार को आवश्यक प्रमाण-पत्र साल में एक बार प्रस्तुत करना होगा, जिससे उनके बैंक खातों में हर महीने श्रद्धा-निधि जमा की जा सके। अधिमान्य पत्रकार पर किसी प्रकार का कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं होना चाहिए। श्रद्धा-निधि स्वीकृति के संबंध में एक उच्च-स्तरीय पांच सदस्यीय निर्णायक मंडल का गठन होगा, जो प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर अपनी अनुशंसाएं देगा। निर्णायक मंडल की अनुशंसा शासन के लिए मान्य करना बंधनकारी नहीं होगा।

श्रद्धा-निधि की पात्रता स्वीकृति के बाद किसी भी समय खत्म की जा सकती है। यदि लाभार्थी का आचरण पत्रकारिता के मान्य सिद्धांतों, मानदंडों के विपरीत पाया जाता है या उनके विरुद्ध कोई आपराधिक मामला दर्ज होता है, तो पात्रता समाप्त की जा सकेगी। श्रद्धा-निधि स्वीकृति के पांच साल के बाद प्रकरणवार समीक्षा भी की जाएगी। (एजेंसी)

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