: पत्रकार पर हमला करने वाले से समझौते का बना रहा था दबाव : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के दैनिक जागरण के पत्रकार नरेंद्र नाथ पाण्डेय पर 26 अक्टूबर को जानलेवा हमला हुआ. किसी तरह से जान बचाकर भागने में वह सफल हो सके. आरोपियों ने उनका पीछा करके कैमरा तथा नकदी लूट ली. इस घटना के बाद पत्रकार नरेंद्र नाथ पाण्डेय ने आरोपी सुहवल निवासी संत कुमार राय के खिलाफ आईपीसी की धारा कई धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई.
पुलिस दबाव में आकर आरोपी संत कुमार राय को आइपीसी की धारा 151 में चालान कर छोड़ दिया. जबकि एफआईआर की उक्त धाराओं के अंतर्गत जमानत आनिवार्य है. नई घटनाक्रम में 29 अक्टूबर यानि सोमवार को सुहवल एसओ राम स्वरूप वर्मा ने पत्रकार नरेंद्र नाथ पाण्डेय को जान से मारने की धमकी दी है. एसओ ने पत्रकार पर समझौता करने का दबाव डाला. नरेंद्र ने मना किया तो जान से मरवाने की धमकी दे डाली.
इस संबंध में नरेंद्र नाथ ने बताया कि मेरे साथ मारपीट तथा लूट की घटना हुई. आरोपी को मेरे साथ के कुछ लोगों ने पकड़कर खुद पुलिस के हवाले किया इसके बाद भी पुलिस ने आरोपी का मामूली धारा में चालान करके छोड़ दिया. उन्होंने कहा कि इसके बाद मैं जब इस मामले में पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई तो मुझे बुरा अंजाम भुगत लेने की धमकी दी गई. जान से मरवाने की बात भी कही गई.
दूसरी तरफ श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की शनिवार को बैठक हुई. पत्रकार नरेंद्र नाथ पांडेय संग मारपीट कर लूट की घटना की निंदा की गई. वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों पर आए दिन हमले हो रहे हैं. हालिया घटना श्री पांडेय के साथ हुई है. बैठक में चेतावनी दी गई कि अगर 24 घंटे के भीतर अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन होगा. बैठक में डॉ. राणा प्रताप सिंह, दयाशंकर राय, पंकज पांडेय, मृत्युंजय चतुर्वेदी, अभिषेक श्रीवास्तव, इंद्रासन यादव, उपेंद्र सिंह, अखंड प्रताप सिंह, विजय शंकर तिवारी आदि थे. अध्यक्षता पदमाकर पांडेय तथा संचालन विजय मधुरेश ने किया.