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गैंगरेप के विरोध में सोशल मीडिया ने अपना चेहरा काला किया!

नई दिल्ली। साउथ दिल्ली में चलती बस से गैंग रेप की घटना से देश के सिस्टम पर कालिख पुती हो या न पुती हो, लेकिन इस शर्मनाक घटना के चलते सोशल मीडिया ने अपना चेहरा काला कर लिया है। इस गैंग रेप की घटना के विरोध में फेसबुक के सैकड़ों युवाओं ने अपनी प्रोफाइल पिक्चर को हटा कर एक काले धब्बे को अपना प्रोफाइल पिक्चर बना लिया है। आज राजधानी में लोग एसएमएस भेज कर काला कपड़ा पहन बाहर निकलने की मुहिम बढ़ते अपराध और उसे रोकने में असमर्थ पुलिस और प्रशासन के विरोध में लोगों को गुस्सा देखने लायक है।

नई दिल्ली। साउथ दिल्ली में चलती बस से गैंग रेप की घटना से देश के सिस्टम पर कालिख पुती हो या न पुती हो, लेकिन इस शर्मनाक घटना के चलते सोशल मीडिया ने अपना चेहरा काला कर लिया है। इस गैंग रेप की घटना के विरोध में फेसबुक के सैकड़ों युवाओं ने अपनी प्रोफाइल पिक्चर को हटा कर एक काले धब्बे को अपना प्रोफाइल पिक्चर बना लिया है। आज राजधानी में लोग एसएमएस भेज कर काला कपड़ा पहन बाहर निकलने की मुहिम बढ़ते अपराध और उसे रोकने में असमर्थ पुलिस और प्रशासन के विरोध में लोगों को गुस्सा देखने लायक है।

चाहे फेसबुक हो, ट्विटर या बाकी कोई भी सोशल साइट्स, हर कोई अपने चेहरों को हटा कर सफेद बैकग्राउंड पर बने काले धब्बे को अपना प्रोफाइल पिक्चर बना रहे हैं। अली मेहंदी रिजवी का कहना है कि इस धब्बे को अपना प्रोफाइल पिक्चर बनाना एक सिंबल है। हम आज एक ऐसे समाज में पहुंच गए हैं, जहां हम अपनी ही औरतों को सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। चाहे सीरिया का संघर्ष हो या फिर इंडिया में अन्ना का आंदोलन। सोशल मीडिया ने मानो हर जगह अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की ठान ली है। अपनी प्रोफाइल पिक्चर को एक काले डॉट में बदल चुकीं प्रीति गुप्ता का कहना है कि मैं एक वर्किंग वुमेन हूं। पूरा दिन ऑफिस में हो जाता है और टीवी पर इस सारी घटना को देखने के अलावा मैं कुछ नहीं कर पा रही हूं। लेकिन सोशल मीडिया ने मुझे अपना गुस्सा दिखाने का और इस आंदोलन को और भी बड़ा बनाने का हौसला दिया है।

एक तरफ यहां इस माध्यम पर विरोध दर्ज कराना आसान है। दूसरी तरफ यह एक साथ हजारों लोगों तक पहुंचता है। प्रतीक शेखर, जिन्होंने अपने पिक्चर को बदला है, वह कहते हैं कि सोशल मीडिया काफी इंपॉर्टेंट रोल निभाता है। इस माध्यम से एक माहौल आसानी से बनाया जा सकता है। दूसरी तरफ कई लोग ऐसे भी हैं जो, सोशल मीडिया पर चले इस आंदोलन को बेकार बता रहे हैं। कई लोग, इन काले चेहरों का खुलकर विरोध भी करते दिखाई दे रहे हैं। इस मुहिम का विरोध करने वाले विवेक सिंह चौहान कहते हैं कि यह सब बेकार है। सोशल मीडिया पर इस तरह से प्रोफाइल पिक्चर बदलने से क्या होगा। सोसायटी को बदलाव चाहिए, उसके लिए सड़कों पर उतरना होगा, काला चेहरा करने से कुछ नहीं होगा।

एनबीटी के लिए दीपिका शर्मा की रिपोर्ट.

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