फ़्रांसिसी व्यंग्य पत्रिका 'चार्ली हेब्दो' ने इस्लाम के पैगम्बर हज़रत मोहम्मद को अपने नए अंक का 'मुख्य संपादक' नियुक्त किया है. पत्रिका के इस अंक को 'शरिया हेब्दो' का नाम दिया गया है तथा इसका अतिथि संपादक पैगम्बर मुहम्मद को बनाया गया है. इससे नाराज लोगों ने पत्रिका के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया, जिसमें कार्यालय को काफी नुकसान पहुंचा है. फ्रांस के प्रधानमंत्री फ्रांसिस फिलॉन ने व्यंग्य पत्रिका चार्ली हेब्दो के कार्यालय पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है और कहा है कि फ्रांस के लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बुनियादी हक है, इसलिए हिंसा की ऐसी घटनाओं को जायज नहीं ठहराया जा सकता.
चार्ली हेब्दो पत्रिका के अनुसार शरिया क़ानूनों के अलावा ट्यूनीशिया और लीबिया में हाल में इस्लामी पार्टियों की जीत पर मज़ाक किए गए थे. पत्रिका प्रबंधन ने बताया कि पेट्रोल बम हमले में पत्रिका के पेरिस कार्यालय की इमारत बुरी तरह जल गई है. आगजनी के बाद इस कार्यालय में लगी आग पर काबू पा लिया गया है. इस हमले में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है. पत्रिका के संपादक ने इससे इनकार किया है कि वो भड़काऊ बनने की कोशिश कर रहे हैं.
इससे पहले पत्रिका की वेबसाइट हैक कर ली गई थी और उस पर अंग्रेज़ी और तुर्की में हजरत मोहम्मद का कार्टून छापने के फ़ैसले की आलोचना की गई थी. मंगलवार को इस पत्रिका की ओर से जारी एक बयान में कहा गया था कि ट्यूनीशिया में इस्लामी दल अन्नहदा की जीत को सही ढंग से मनाने के लिए चार्ली हेब्दो ने हज़रत मोहम्मद को अगले अंक के लिए मुख्य संपादक होने का न्यौता दिया है. यह पत्रिका बुधवार के दिन बाज़ार में आती है. पत्रिका के इस विशेष संस्करण में हजरत मोहम्मद के नाम से संपादकीय भी छापा गया है. इस अंक में एक महिलाओं का भी कोना है जिसका नाम दिया गया है "मैडम शरिया".वर्ष 2007 में डेनमार्क में छपे हज़रत मोहम्मद के कार्टून को फिर से छापने के कारण चार्ली हेब्दो की काफ़ी आलोचना हुई थी. इस कार्टून पर मुस्लिम जगत में कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी. भारत में भी सीनियर इंडिया में हरजत मोहम्मद का विज्ञापन छपने पर काफी बवाल हुआ था. (इनपुट बीबीसी)





