लखनऊ : प्रदेश के पत्रकारों को अब पीजीआई में नि:शुल्क चिकित्सा की सहूलियत बस चंद दिनों के भीतर मिल जाएगी। तय किया गया है कि इससे सम्बन्धी एक प्रस्ताव को अगली ही कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस बारे में रविवार की सुबह मुख्यसचिव को साफ तौर पर शब्दों में निर्देश दे दिया। मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद से इस मामले में प्रशासनिक अड़चनें हमेशा के लिए खत्म होने जा रही हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज पूर्वान्ह कालीदास मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में बोल रहे थे। यह आयोजन प्रदेश के रजिस्ट्रेशन विभाग में शुरू की गयी आनलॉइन व्यवस्था को लागू करने सम्बन्धी उद्घाटन से जुड़ा था। आयोजन में मुख्यसचिव के साथ ही साथ प्रदेश के पंजीयन कर विभाग, राजस्व विभाग और प्रदेश के वित्त समेत सभी सम्बन्धी विभागों के मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों तथा पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया था। पंजीयन कर व्यवस्था शुरुआत और उसके लाभों पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को इस बारे से जुड़े सवालों का जवाब देना शुरू कर दिया।
इसी बीच साप्ताहिक वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा ने सीधे तौर पर एक सवाल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर उछाल दिया कि आखिरकार जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मान्यता प्राप्त पत्रकारों की चिकित्सा आदि की नि:शुल्क व्यवस्था लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान यानी पीजीआई से कराने का ऐलान कर चुके हैं, फिर उसे अब तक क्यों नहीं लागू किया जा रहा है। संजय शर्मा का कहना था कि पत्रकारों के व्यापक हितों को लगातार टालते हुए प्रदेश की नौकरशाही पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में बंद किये है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री को आज इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिए ताकि ऊहापोह की हालत खत्म हो सके।
गौरतलब बात है कि संजय शर्मा पहले से ही इस मसले पर अपने अखबार और पत्रकारों की बैठकों में उछालते रहे हैं। संजय शर्मा के इस सवाल पर पूरे हॉल में खामोशी फैल गयी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने माइक हटाते हुए पास बैठे मुख्यमंत्री जावेद उस्मानी से कड़े शब्दों में पूरी कैफियत पूछ डाली। इन दोनों की थोड़ी बातचीत के बाद अखिलेश यादव से मुख्य सचिव की ओर देखते हुए साफ कहा कि जब इस बारे में वे पहले ही ऐलान कर चुके हैं तो उसे तत्काल किया जाना चाहिए था। उन्होंने मुख्यसचिव से यह भी कहा कि अब चाहे कुछ भी हो, लेकिन प्रदेश मंत्रिमंडलीय कैबिनेट की अगली बैठक में इससे जुड़े प्रस्ताव को प्रस्तुत कर दिया जाए। इसी के साथ ही अखिलेश यादव ने वहां मौजूद पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि अब आपकी यह मांग अब बस पूरी होने वाली है।
वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर की रिपोर्ट.
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