फर्रुखाबाद में दैनिक जागरण के कार्यालय में चोरी हो गई. पुलिस चोरों का पता नहीं लगा पाई पर अपने तीसरे नेत्र से उसको पता चल गया है कि जागरण कार्यालय में हुई इस चोरी में एक पत्रकार का भी हाथ है. उक्त पत्रकार एक न्यूज वेबसाइट का संचालन करता रहा है. दैनिक जागरण अखबार में प्रकाशित खबर के अनुसार पुलिस को ज्ञान हुआ है कि जागरण कार्यालय में हुई चोरी के पीछे वेबसाइट संचालक पुष्पेद्र राजपूत का दिमाग काम कर रहा था.
अखबार ने यह भी लिखा है कि बेवसाइट संचालक पत्रकारिता की आड़ में शातिर चोरों के गिरोह का संचालन कर रहा है. उसकी गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध थी. पुलिस ने पूछताछ के लिए पकड़ा था पर पत्रकारिता के हनक के चलते वह बच गया. खैर, इस खबर में कितनी सच्चाई है वो तो पुलिस ही जाने पर जिस तरह से पूरे यूपी में पुलिस जागरण की लठैत बनी हुई उससे शक हो रहा है कि शायद ही इस मामले में निष्पक्ष जांच हो रहा हो. नीचे जागरण में प्रकाशित खबर.
गिरोह का मास्टर माइंड है पुष्पेंद्र
फर्रुखाबाद, स्टाफ रिपोर्टर : चोरों के गिरोह का मास्टर माइंड पुष्पेंद्र राजपूत न्यूज वेबसाइट संचालक भी रहा है। पत्रकारिता की आड़ में वह शातिर चोरों के गिरोह का संचालन कर रहा है। उसकी गिरफ्तारी से कई बड़ी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। शहर कोतवाली के मोहल्ला श्यामनगर निवासी पुष्पेंद्र राजपूत की गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध थीं। एसओजी ने उसे कुछ माह पूर्व उठाकर पूछताछ भी की थी, लेकिन न्यूज वेबसाइट चलाने की हनक में वह बच गया। वह आईटीआई चौकी पुलिस पर अच्छा मेलजोल भी रखता था। मोहल्ले के ही चोरों के गिरोह पर पुष्पेंद्र का वरदहस्त बताया जा रहा है।
पुलिस को पता चला है कि जागरण कार्यालय में हुई चोरी की घटना के पीछे पुष्पेंद्र राजपूत का ही दिमाग काम कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर महत्वपूर्ण घटनाओं का भी पर्दाफाश होने की संभावना है। पुष्पेंद्र राजपूत कार से अक्सर शहर में घूमता देखा जाता है। निकाय चुनाव में उसने सभासद पद का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन हार गया। पुलिस के अनुसार पुष्पेंद्र राजपूत अपने गुर्गो से शहर में पहले चोरी कराता है और चोरी का सामान कम मूल्य पर स्वयं खरीद भी लेता है। कंप्यूटर आदि उपकरण चोरी करने के पीछे पुष्पेंद्र की मुख्य भूमिका बतायी जा रही है। वह कहीं भूमिगत हो गया है।