उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में दैनिक जागरण के पत्रकार नरेंद्र नाथ पाण्डेय पर 26 अक्टूबर को हुए जानलेवा हमला और लूटपाट के मामले में पत्रकारों का एक समूह प्रदेश के जल संसाधन एव परती भूमि विकास मंत्री ओमप्रकाश से जमानियां स्थित सिंचाई विभाग के डाक बंगले में मुलाकात की। पत्रकारों ने नरेंद्र नाथ पर हुए हमले और उसके बाद सुहवल एसओ राम स्वरूप वर्मा द्वारा पत्रकार को जान से मरवाने की धमकी की शिकायत की।
मौके पर मौजूद नरेंद्र नाथ ने मंत्री ओमप्रकाश को बताया कि पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है। एसपी गाजीपुर विजय गर्ग ने एसओ की जांच के लिए जब से एसपीओ जमानियां कमल किशोर को नियुक्त किया है, तब से कमल किशोर अवकाश पर चले गए हैं। जानलेवा हमले का आरोपी सुहवल निवासी संत कुमार राय के खिलाफ आइपीसी की धारा 394, 504, 506 और 323 में प्राथमिकी दर्ज है। लेकिन एसओ ने दबाव में आकर आइपीसी की धारा 151 में चालान कर संत कुमार राय को छोड़ दिया। जबकि उक्त धारा में जमानत अनिवार्य है।
नरेंद्र नाथ ने मंत्री ओमप्रकाश को बताया कि आरोपी संत कुमार आए दिन घर पर आकर जान से मारने की धमकी देता रहता है और समझौता करने को कहता है। मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने मामले में सुहवल एसओ पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने पत्रकार नरेंद्र नाथ को सुहवल एसओ राम स्वरूप वर्मा के निलंबन का भरोसा दिलाते हुए कहा कि आरोपी को पहले जेल भेजा जाएगा और पूरे मामले में जांच कर उचित कार्रवाई होगी। मंत्री ओमप्रकाश से मिलने गए पत्रकारों के समूह में रविशंकर तिवारी, प्रभाकर सिंह, पंकज पाण्डेय, अभिषेक श्रीवास्तव, प्रमोद यादव, इंद्रासन यादव, एनोददीन खान आदि थे।