देवघर (झारखण्ड) जेल के जेलर ब्रजेश मिश्रा ने समाचार पत्रों के प्रतिनिधियों को हड़काया. हड़काया क्या गाली-ग्लौज और मारपीट करने की धमकी भी दी. मामला कुछ यूँ है. देवघर जेल में मौजूद अनियमितताओं, कैदियों को घटिया खाना परोसने और ईलाज के अभाव में एक कैदी की मौत को लेकर स्थानीय अखबारों ने काफी कुछ लिखा, जिसके बाद पूरे जेल में हडकंप मच गया. इसी मामले की जांच करने के लिए एक प्रशासनिक टीम का गठन किया गया था.
जब यह टीम जांच के लिए जेल पहुंची, तभी समाचार संकलन के उद्देश्य से कुछ पत्रकार भी पहुँच गए. इन पत्रकारों को देखकर जेलर 'साब' का पारा गर्म हो गया. उन्होंने वहीँ पर पत्रकारों को गाली देना शुरू कर दिया और तत्काल ही मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को यह भी आदेश दिया की पत्रकारों को धक्के देकर बाहर निकाल दें. जेलर के व्यवहार से हतप्रभ पत्रकारों ने जब इस घटना का विरोध किया तब जेलर ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दे डाली. जांच टीम के पहुंचने के समय प्रभात खबर समेत कुछ अन्य अखबारों के चार पत्रकार मौजूद थे.
पत्रकारों ने घटना की जानकारी देवघर जिला प्रशासन को दे दी. वहीँ स्थानीय पत्रकारों ने एक बैठक कर घटना की निंदा की है. बैठक में मुख्य रूप से संजय मिश्र, धनंजय भारती, जीतेन्द्र कुमार सिंह, संजीत मंडल, शैलेन्द्र मिश्र, राकेश पुरोहितवार, आशीष कुंदन व मनोज केशरी मुख्य रूप से उपस्थित थे.






