द ट्रिब्यून ट्रस्ट के गुडग़ांव ऑफिस से दो बड़े विकेट गिराने में मैनेजर साहब एक बार फिर कामयाब हो गए हैं। मैनेजमेंट आंख मूंदकर मैनेजर साहब की बातों पर अमल किए जा रहा है। शायद एचटी में साथी रहे अधिकारी के आजकल ट्रिब्यून में आ जाने से मैनेजर साहब की दादागिरी और बढ़ गई है। मैनेजर प्लांट के एक प्रोडेक्शन अफसर अरुण वत्स और एक इलेक्ट्रिकल इंचार्ज पुष्पेंद्र का पत्ता साफ करवाने में कामयाब हो गए हैं।
इससे पूर्व इसी वर्ष के शुरुआत में भी कई कर्मचारियों पर गाज गिरा चुके मैनेजर साहब के हौंसले बुलंद हैं। वो जब चाहे किसी की भी नौकरी खाते चले जा रहे हैं और अपने चाहने वालों को नौकरी देते जा रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं बल्कि कई बार हो चुका है। जबकि मैनेजर साहब के एक खास सहयोगी जो गुडग़ांव में ही कार्यरत हैं उनका कुछ नहीं बिगड़ सका है। दोनों की जुगल जोड़ी खूब चल रही है। अब मैनेजर ने इन दोनों पदों पर अपने चहते आदमी रखवा भी लिए हैं।





