ठाणे। शिल फाटा इलाके में एक भवन गिरने के मामले में मुम्बारा के एक पत्रकार सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या 11 पहुंच गई है। इस भवन के गिरने से 74 लोग मारे गए हैं। इसके साथ ही ठाणे नगर निगम ने अवैध ढांचा गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि ठाणे पुलिस की अपराध शाखा ने वास्तुकार फारूख अब्दुल (59) और पत्रकार रफीक दाउद कामदार (44) को सोमवार को गिरफ्तार किया था।
कामदार का नाम गिरफ्तार किए गए बिल्डरों में से एक की डायरी में मिला। इस मामले में पहले ही निलंबित निगम आयुक्त दीपक चव्हाण, सहायक निगम आयुक्त बाबासाहेब अंधाले, निगम की लिपिक किरण मदके, एनसीपी पार्षद हीरा पाटिल, पुलिसकर्मी सैयद, स्टेट एजेंट जब्बार पटेल और भवन निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ता अफरोज आलम अंसारी को गिरफ्तार किया जा चुका है। बिल्डर जमील कुरैशी और सलीम शेख को शनिवार को उत्तर प्रदेश और ठाणे से गिरफ्तार किया गया। अदालत ने सभी नौ लोगों को 20 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
ठाणे नगर निगम ने अवैध निर्माण गिराने के अभियान के पहले चरण के तहत मुम्बारा-कौसा इलाके सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मौजूद 57 अवैध ढांचों को गिराने का फैसला किया है। अभियान मंगलवार से शुरू हुआ। निगम आयुक्त आरए राजीव की अध्यक्षता में हुई बैठक में अवैध भवनों को गिराने के लिए कार्ययोजना तैयार की। इन्हें मानसून से पहले गिरा दिए जाने की उम्मीद है। बैठक में यह भी फैसला किया गया कि अवैध निर्माण को गिराने वाले प्रकोष्ठ को और मजबूत बनाने के लिए उसमें और 15 अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। नौ वार्ड में चलने वाले इस अभियान के प्रभारी वरिष्ठ अभियंता अनिल पाटिल होंगे। अभियान के दौरान कानूनी मामलों से निपटने के लिए नौ कानूनी सलाहकार भी नियुक्त किए जाएंगे। उसमें कहा गया है कि कुछ अवैध भवनों में फिलहाल लोग रह रहे हैं ऐसे में निगम उन्हें खाली कराने के बाद गिराएगा। (एजेंसी)






