राष्ट्रीय सहारा के वरिष्ठ पत्रकार तथा पटना यूनिट के संपादक रहे हरीश पाठक के बारे में खबर है कि उन्हें गोरखपुर भेज दिया गया है. हरीश को डिमोट करके गोरखपुर भेजा गया है. वे स्थानीय संपादक मनोज तिवारी को रिपोर्ट करेंगे तथा समाचार संपादक की भूमिका निभाएंगे. गौरतलब है कि हरीश पाठक पटना में अखबार के स्थानीय संपादक हुआ करते थे.
सूत्रों का कहना है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने हरीश पाठक पर लैपटॉम मांगने समेत कई आरोप लगाते हुए प्रबंधन को पत्र लिखा था, जिसके बाद प्रबंधन ने हरीश पाठक को तत्काल प्रभाव से नोएडा अटैच कर दिया था तथा दया शंकर राय को पटना का नया आरई बना दिया था. सुशील मोदी के अलावा नालंदा के विधायक राजीव रंजन तथा राजद सांसद रामकृपाल यादव ने भी इनकी शिकायत की थी. प्रबंधन ने आरोपों की जांच के लिए एक टीम भी गठित कर दी थी. इस टीम की रिपोर्ट के बाद ही प्रबंधन ने हरीश पाठक का डिमोशन किया है.
सूत्रों का कहना है कि आरोप सही पाए जाने पर प्रबंधन हरीश पाठक को बर्खास्त करने पर भी विचार कर रहा था, परन्तु उनकी वरिष्ठता तथा कंपनी के लिए किए गए कार्यों को देखते दो पद डिमोशन करके गोरखपुर भेज दिया. पटना में हरीश पाठक ने करीब चार साल की लंबी पारी खेली. साहित्यिक बैकग्राउंड वाले हरीश पाठक कई अखबारों व पत्रिकाओं में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं. इस संदर्भ में हरीश पाठक का पक्ष जानने के लिए कॉल किया गया परन्तु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.