लखनऊ : उत्तर प्रदेश के डीजीपी समेत कई पुलिस अधिकारियों पर ट्रांसफर पोस्टिंग के लिए पैसा वसूलने के आरोप लगाने वाले डीएसपी वीके शर्मा को सरकार ने सस्पेंड कर दिया है. रविवार को वीके शर्मा ने एटा के एसएसपी और डीजीपी पर पैसे लेकर तबादला करने तथा पैसे ना देने पर प्रताडि़त करने के आरोप लगाए थे. वीके शर्मा के आरोपों को खारिज करते हुए आईजी बीपी सिंह ने संकेत दे दिए थे कि उनके खिलाफ पुलिस महकमा कोई सख्त कदम उठा सकता है.
इससे पहले डीएसपी वीके शर्मा ने आरोप लगाया था कि महकमे के आला अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते हैं. पैसे लेकर तबादले करते हैं. पैसा नहीं देने पर तबादला करके प्रताडि़त करते हैं. पैसे नहीं देने पर ही ग्यारह महीने में उनका पांच बार तबादला किया गया. उनकी तीन महीने की सैलरी रोकी गई. दूसरी तरफ यूपी के आईजी लॉ एंड ऑर्डर बीपी सिंह के कहा कि वीके शर्मा का एटा से अलीगढ़ पीएसी में तबादला नियमों के तहत हुआ है.
आईजी बीपी सिंह की मानें तो ये कोई पहला मौका नहीं है जब वीके शर्मा ने अनुशासन तोड़ा हो. बी पी सिंह भले ही वी के शर्मा के तबादले को लेकर कितनी ही सफाई दें लेकिन वी के शर्मा के पिछले ग्यारह महीने में पांच बार तबादला होने से यूपी पुलिस के आला अफसरों के कामकाज के तरीके पर सवाल तो उठते ही हैं. साथ ही इस मामले में जांच की बजाय वीके शर्मा को ही सस्पेंड किए जाने से इन आरोपों को और बल मिला है.