दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारियों के कुप्रबंधन की वजह से मान्यता प्राप्त पत्रकार विश्वविद्यालय में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कार्यक्रम को कवर नहीं कर सके. पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) से मान्यता प्राप्त संवाददाताओं और छाया पत्रकारों को विश्वविद्यालय परिसर के भीतर ओल्ड वाइस रीगल बिल्डिंग के बाहर सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस करते देखा गया ताकि वे नवें दीक्षांत समारोह को कवर करने के लिए अंदर प्रवेश कर सकें.
मीडियाकर्मियों को पीआईबी कार्ड के आधार पर आयोजन स्थल में घुसने से रोका जा रहा था. गौरतलब है कि पीआईबी कार्ड सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय जारी करता है ताकि पत्रकार सरकारी विभागों में आ जा सकें जहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती रहती है. जब एक असंतुष्ट पत्रकार ने डीयू की रजिस्ट्रार अल्का शर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैंने सुरक्षाकर्मियों को पीआईबी कार्ड के आधार पर संवाददाताओं को प्रवेश करने की अनुमति देने का निर्देश दिया है. अगर वे अनुमति नहीं दे रहे हैं तो मैं कुछ नहीं कर सकती.’’
संयोग की बात है कि रजिस्ट्रार कार्यालय ने कल ई-मेल के जरिए कवरेज सुनिश्चित करने के लिए मीडिया संगठनों से संवाददाताओं का विवरण मांगा था. एक हिंदी दैनिक के पत्रकार ने कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि यह कैसे हुआ. मैंने अपना नाम दिया था लेकिन अब वे मुझे अनुमति नहीं दे रहे हैं. डीयू के अधिकारी भी फोन कॉल का जवाब नहीं दे रहे हैं.’’ उस पत्रकार के साथ उस समाचार पत्र का छायाकार भी था. (सहारा)






