दिल्ली गैंग रेप मामले में एक स्थानीय अदालत में चल रही सुनवाई की मीडिया में रिपोर्टिंग पर प्रतिबंध के खिलाफ कुछ पत्रकारों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर कार्यवाही के प्रकाशन की अनुमति मांगी है. सामूहिक बलात्कार के इस मामले में सुनवाई से पहले और सुनवाई के दौरान कार्यवाही की मीडिया में रिपोर्टिंग को लेकर दायर याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार और पुलिस से जवाब मांगा है. इस लड़की की सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी.
न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने इस मामले की सुनवाई की तारीख 13 फरवरी तय की है जिससें मीडिया के अधिकार और बलात्कार मामले की सुनवाई में संतुलन बनाने की संभावना पर विचार किया जायेगा. मजिस्ट्रेट की अदालत के सात जनवरी के फैसले के मद्देनजर यह याचिका दायर की गई है. अदालत ने मामले की बंद कमरे में सुनवाई और मीडिया को इसकी रिपोर्टिंग से रोकने का आदेश दिया था. मजिस्ट्रेट के आदेश को बाद में नौ जनवरी को जिला अदालत ने बरकरार रखा था.
पत्रकारों की याचिका को वकील मीनाक्षी लेखी ने मुख्य न्यायाधीश डी. मुरुगेशन की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कल रखा जिन्होंने निर्देश दिया कि इसे एकल न्यायाधीश के समक्ष ले जाएं. लेखी ने मीडिया को रोकने संबंधी आदेश पर कुछ पत्रकारों की तरफ से याचिका दायर की. उन्होंने कहा, ‘‘पूरा देश मामले की कार्यवाही के बारे में जानना चाहता है और जिम्मेदारीपूर्वक काम करने वाली मीडिया को इससे नहीं रोका जाना चाहिए.’’ (सहारा)






