मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को दूरदर्शन समेत पचास चैनलों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने यह नोटिस एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है. याचिकाकर्ता वासन ने अपने रिट में मांग किया है कि चैनलों पर निगरानी तथा नियंत्रण करने के लिए एक अलग से कानूनी नियामक का गठन किया जाए. याची ने कहा है कि इन चैनलों पर सेंसरशिप निहायत ही जरूरी हो गया है. चैनलों पर दिखाए जाने वाले तमाम कार्यक्रमों हिंसात्मक कार्रवाईयां ज्यादा होती हैं, जो प्रिंट मीडिया की तुलना में लोगों के मन और मस्तिष्क पर ज्यादा प्रभाव डालती हैं.
याचिका में कोर्ट से मांग की गई है कि वे केंद्र को निर्देशित करे कि टीवी चैनलों पर नियंत्रण एवं निगरानी के लिए अलग से एक नियामक संस्था का गठन करे. टीवी चैनलों पर दिखने वाले ज्यादातर कार्यक्रम सच्चाई से काफी दूर होते हैं. गिने चुने कार्यक्रम ही इससे अलग होते हैं.






