बाल आयोग ने चैनलों के लिए जारी किया दिशा-निर्देश

नई दिल्ली। धारावाहिकों और रीयलटी शो में काम करने वाले बच्चों को बच्चे ही रहने दिया जाए। राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग का यही कहना है। बाल कलाकारों से अभिनय करवाते समय बच्चों की मानसिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक हालात की चिंता करते हुए और उन पर होने वाले शोषण को रोकने के लिए बाल आयोग ने सिफारिश की है कि टीवी चैनलों में बच्चों से अभिनय करवाते उनसे द्विअर्थी, अश्लील या भद्दे संवाद कहलाने या उनसे हिंसात्मक दृश्य कराए जाने पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।

न्‍यूज चैनलों को महंगा पड़ेगा नान-न्यूज दिखाना

नई दिल्ली। टीवी न्यूज चैनलों के लिए फिल्मी गाने और फिल्मी दृश्य दिखाना अब आसान नहीं होगा। नए कॉपीराइट विधेयक के अनुसार न्यूज चैनलों को फिल्मकार, गीतकार या कॉपीराइट होल्डर से अनुमति लेनी होगी और उसे रॉयल्टी देनी होगी। अभी तक की व्यवस्था के अनुसार आधे मिनट से कम समय का क्लिप टीवी चैनलों पर चल सकता है। यह व्यवस्था खेलों पर लागू होती है लेकिन फिल्मकारों, गीतकारों, संगीतकारों, कलाकारों, नाटककारों और साहित्यकारों के लगातार आपत्ति जताने के बाद सरकार चेती है।

सवाल पूछने वाले चैनलों को अब कॉल व एसएमएस दर भी दिखाना होगा

दर्शकों से आसान से सवाल पूछकर एसएमएस या कॉल के जरिए जवाब पाने वाले टीवी क्विज शो अब इस तरीके से मोटी वसूली नहीं कर पाएंगे। चैनलों को अब नए नियमों का पालन करना होगा। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन को इस आशय के दिशा निर्देश भेजे हैं। अब चैनलों को एसएमएस और कॉल की ऊंची दरें भी स्क्रीन पर दिखाना अनिवार्य होगा।

दूरदर्शन समेत पचास चैनलों को हाईकोर्ट ने दिया नोटिस

मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को दूरदर्शन समेत पचास चैनलों को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने यह नोटिस एक याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है. याचिकाकर्ता वासन ने अपने रिट में मांग किया है कि चैनलों पर निगरानी तथा नियंत्रण करने के लिए एक अलग से कानूनी नियामक का गठन किया जाए. याची ने कहा है कि इन चैनलों पर सेंसरशिप निहायत ही जरूरी हो गया है. चैनलों पर दिखाए जाने वाले तमाम कार्यक्रमों हिंसात्‍मक कार्रवाईयां ज्‍यादा होती हैं, जो प्रिंट मीडिया की तुलना में लोगों के मन और मस्तिष्‍क पर ज्‍यादा प्रभाव डालती हैं.