: मुख्य आरोपी समेत चार गिरफ्तार : चंडीगढ़ : हरियाणा पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए हिसार के पत्रकार राकेश क्रांति पर कातिलाना हमला करने के चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों में मिलगेट स्थित शिवनगर निवासी अनिल पुत्र दयाकिशन, सिविल अस्पताल के सामने किराए पर रहने वाला मोठ निवासी प्रिंस उर्फ पन्नू पुत्र प्रेमकुमार, सूर्यनगर निवासी अंजन उर्फ बाबा पुत्र राधेश्याम तथा भारत नगर निवासी नरेन्द्र उर्फ सोनू पुत्र मोहनलाल शामिल है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए हरियाणा पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पत्रकार राकेश क्रांति पर हुआ हमला व आरोपियों को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौतीभरा काम था, जिसे पूरी गंभीरता से लिया गया। पुलिस ने उसी दिन तत्परता से कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया और छानबीन शुरू की। उन्होंने बताया कि पुलिस गिरफ्त में आए अनिल ने बताया कि उसकी सिविल अस्पताल के सामने ही अनिल मेडिकल हाल के नाम से दुकान है तथा वह दो एंबुलेंस का संचालन भी करता है। उसके भाई जितेन्द्र की दुकान राजगढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में है। अपनी ये दोनों एंबुलेंस (बोलेरो व ओमानी मारूति) वह अपने मेडिकल हाल के सामने ही खड़ी करता है। उसने बताया कि पत्रकार राकेश क्रांति लगभग एक साल से हर माह एक-दो बार निजी एंबुलेंस के बारे में खबरें छापता रहता था। समाचार प्रकाशन बारे वह एक-दो बार पत्रकार राकेश क्रांति से मिला और ये समाचार न छापने का अनुरोध किया लेकिन पत्रकार नहीं माना। इसी बात से वह राकेश क्रांति से रंजिश रखने लगा।

प्रवक्ता ने बताया कि पूछताछ में अनिल ने खुलासा किया है कि वे सिविल अस्पताल के डाक्टरों से मिलकर मरीज को रोहतक मेडिकल के लिए रेफर करवा देते थे। मरीज के परिजन उसे रोहतक ले जाने की बजाय निजी अस्पतालों में ले जाते थे और इस काम में उनकी एंबुलेंस काम आती थी। अपनी इन एंबुलेंसों में वे जाते समय मरीज को ले जाते और आते समय सवारियां आदि बैठा लेते थे। इसके अलावा राजगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में उसके भाई का मेडिकल स्टोर होने के कारण भी उन्हें फायदा होता था। उन्होंने बताया कि पूछताछ में अनिल ने बताया कि बार-बार मरीजों को रेफर करने व एंबुलेंसों से संबंधित समाचार प्रकाशित होने से वह कुपित हो गया और उसने अपने एंबुलेस चालक प्रिंस उर्फ पन्नू पुत्र प्रेम कुमार, अंजन उर्फ बाबा पुत्र राधेश्याम तथा भारत नगर निवासी नरेन्द्र उर्फ सोनू पुत्र मोहनलाल को बुलाया और पत्रकार राकेश क्रांति पर हमले की योजना बनाई। इसी योजना के तहत रविवार रात को राकेश क्रांति पर उस समय हमला कर दिया गया जब वह डाबड़ा चौक होकर अपने घर आ रहा था।
उन्होंने बताया कि अनिल के अनुसार पत्रकार क्रांति पर हमले के समय वह स्वयं मौजूद था और हमले की योजना को सिरे चढ़ा रहा था। पुलिस पूछताछ में अनिल ने यह भी बताया कि पत्रकार पर हमले से एक दिन पहले रात्रि के समय उसी ने प्रिंस के साथ मिलकर पत्रकार की गाड़ी के शीशे तुड़वाकर उसे क्षतिग्रस्त करवा दिया ताकि अगले दिन वह बाइक पर आए और हमले में आसानी हो। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपियों पर धारा 323, 325, 307 व 34 के तहत केस दर्ज है। चारों आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश करके रिमांड हासिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने पत्रकार पर हमले की घटना पर खेद जताया लेकिन साथ ही कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद पत्रकारों ने संयम बनाए रखा और पुलिस का सहयोग किया, जिसके लिए वे पत्रकार समुदाय के आभारी हैं।






