एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजराल के निधन पर देश में राष्ट्रीय शोक घोषित था वहीं दूसरी ओर बिहार प्रशासनिक सेवा से संबद्ध रोसड़ा (समस्तीपुर) के अनुमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार ने राष्ट्रीय शोक को धत्ता बताते हुए स्थानीय दैनिक जागरण के पत्रकार, शहर के एक महात्वाकांक्षी शिक्षाविद्, शिक्षा माफिया एवं एक व्यवसायी की सलाह पर अमल करते बिजली बत्ती के चकाचौंध के बीच समारोहपूर्वक रोसड़ा अनुमंडल का स्थापना दिवस मनाया तथा केक काटकर खुशियां मनाई।
दैनिक जागरण ने अपने 2 दिसम्बर के अंक में इस समारोह से संबंधित समाचार को सचित्र प्रकाशित कर प्रशासनिक महकमे में जमकर वाहवाही लूटी। ठीक उसी दिन दैनिक हिन्दुस्तान अखबार के अनुमंडल संवाददाता संजीव कुमार सिंह ने प्रशासन के समारोहपूर्वक मनाये गये कार्यक्रम को प्रकाशित किया साथ ही प्रशासन के गैर जिम्मेदाराना रवैये के लिए जमकर खिंचाई करते हुए लिखा कि ‘एक तरफ राजकीय शोक दूसरी तरफ एसडीओ ने काटा केक’ समाचार प्रकाशित कर जागरण के मक्खनबाजी की पोल खोल दी।
एसडीओ एवं स्थानीय प्रशासन के इस अजब-गजब कारनामे पर स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू ही हुई थी कि रोसड़ा व्यवहार न्यायालय के अधिवक्त्ता उमेश प्रसाद राय ने मंगलवार 4 दिसम्बर को न्यायालय में एसडीओ के खिलाफ धारा 119, 120 एवं 120 बी. के तहत अभियोग-पत्र दायर कर दिया। अभियोग-पत्र पर संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने रोसड़ा थाना को एसडीओ एवं एडीएसओ पर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश जारी कर दिया। सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि हिन्दुस्तान ने इस खबर को पेज नंबर 1 पर सभी संस्करणों में स्थान दिया लेकिन मक्खनबाजी के लिए मशहूर दैनिक जागरण ने इस खबर को एक कॉलम तक में भी प्रकाशित करना मुनासिब नहीं समझा।
5 दिसम्बर को रोसड़ा में एक ओर जहां हिन्दुस्तान की बल्ले-बल्ले रही वहीं जागरण की भद्द पिट गई। प्रशासन की मक्खनबाजी में तत्पर रहनेवाले शहर के तथाकथित माफियाओं ने 5 दिसम्बर को हिन्दुस्तान के स्थानीय अभिकर्त्ता इन्द्रकांत झा को रोसड़ा में आनेवाली हिन्दुस्तान की 2500 प्रतियों को भुगतान लेकर वितरण नहीं करने का ऑफर दिया, लेकिन स्थानीय संवाददाता की तत्परता के कारण हिन्दुतान के अभिकर्त्ता ने माफियाओं के ऑफर को रिजेक्ट कर दिया। शहर में प्रातः 8 बजे तक ही हिन्दुस्तान की प्रतियां नहीं मिल रही थी वहीं जागरण के बारे में लोगों तरह-तरह की हास्यास्पद टिप्पणियां सुनने को मिल रही थी।



समस्तीपुर से विकास कुमार की रिपोर्ट.






