Braj Bhushan Dubey : आज एक बडी परीक्षा से गुजरना हुआ है मुझे। गाजीपुर जनपद के जंगीपुर थानान्तर्गत नसीरपुर गांव के एक दलित युवक को पुलिस ले गयी थी, 20 वर्षीय घनश्याम थाने से आया और आज सुबह उसकी तबीयत खराब हुयी। 108 नम्बर की गाड़ी से हास्पीटल जाते वक्त उसकी रास्ते में मौत हो गयी। गुस्साई भीड ने घनश्याम की लाश नसीरपुर चौराहे पर रखकर जाम लगाया। थानाध्यक्ष दुल्लहपुर की गाड़ी फूंक दी गयी और हंसराजपुर पुलिस चौकी में भी आग लगा दी गयी।
मैं पहुंचा तो थाने की गाड़ी धू-धू कर जल रही थी। मोर्चा सम्भाला और गुस्साये लोगों को समझाना शुरू किया। आक्रोशित लोग लग रहा था कि हमें भी पीट देंगे या गाली गलौज करेंगे किन्तु अधिकांश हमारी बात से सहमत थे। भीड़ मांग कर रही थी कि दोषी थानाध्यक्ष को सामने लाया जाय। कई पुलिस क्षेत्राधिकारी, एसपी सिटी, उप जिलाधिकारी आदि सहमे हुये थे किन्तु जखनियां के युवा उप जिलाधिकारी अमित सिंह साहस और संयम के साथ डटे हुये थे। मौके पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी पहुंचे। काफी प्रयास के बाद लाश पोस्टमार्टम के लिये गयी। एसपी ने थानाध्यक्ष को तत्काल निलम्बित कर दिया।
गाजीपुर के आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष ब्रज भूषण दुबे के फेसबुक वॉल से.






