नई दिल्ली : दिल्ली गैंगरेप के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने पानी की बौछार के बीच जमकर लाठियां बरसाईं। प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा गया। पर इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी नहीं बख्शा गया। न्यूज एक्स की पत्रकार रिद्धिमा तोमर तो घायल हुई हीं, पुलिस ने मीडिया वालों के कैमरों पर जानबूझकर पानी की बौछार की ताकि कैमरे बंद हो जाएं। जब पानी के चलते मीडिया वालों ने कैमरे बंद कर लिए तो लाठीचार्ज शुरू हो गया। महिलाओं और युवतियों को भी नहीं बख्शा गया।
प्रदर्शनकारियों के पथराव और तोड़फोड़ को लेकर पुलिसकर्मियों द्वारा उन पर आंसू गैस के गोले दागने एवं पानी की धार फेंकने के बाद हिंसा भड़क गई। हालांकि ज्यादातर प्रदर्शनकारियों ने शांति बनाए रखी। ज्यादातर ने प्रदर्शन के दौरान हिंसा पर एतराज जताया तथा आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रदर्शन को दिशाहीन करने की मंशा से काम कर रहे हैं।
दिल्ली में चलती बस में गैंगरेप के खिलाफ दिल्ली और आस−पास के इलाकों से लोग इंडिया गेट पर आज सुबह फिर से पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस तमाम कोशिशें कर रही थीं, लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए आज फिर प्रदर्शनकारियों पर कई बार आंसू गैस के गोले दागे गए और पानी की बौछार की गई। प्रदर्शनकारियों ने भी जवाब में पुलिस पर पत्थरबाजी की। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने 26 जनवरी की तैयारी के लिए रखी गई लकड़ी की बल्लियों में आग लगा दी और एक गाड़ी भी पलट दी। एक पुलिस वैन में भी तोड़फोड़ की गई। पुलिस अवरोधों के बावजूद राजपथ में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया।
इंडिया गेट और विजय चौक को भी पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है, यहां तक की मीडिया के लोगों को भी वहां जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है। राजपथ पर भी आने जाने पर रोक लगा दिया गया। पुलिस के जवान मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाने की कोशिश करते रहे। कई बार मीडियाकर्मियों की तरफ पानी की बौछार की गई। उनकी तरफ आंसू गैस के गोले भी दागे गए। इसी तरह के एक हादसे में न्यूज एक्स की रिद्धिमा गंभीर रूप से घायल हो गईं।






