आगरा : सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई दामिनी के अंतिम संस्कार को कुछ घंटे भी नहीं बीते थे कि आगरा से प्रकाशित हिंदी समाचार पत्र पुष्प सवेरा के मालिक बीडी अग्रवाल का पुत्र पुनीत अग्रवाल रंगरेलियां मनाते हुए रविवार को रंगे हाथ पकड़ा गया। पुनीत आगरा के सबसे बड़े बिल्डर कंपनी पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शंस का निदेशक भी है। उसके लिए रंगरेलियों की महफिल शहर के सबसे प्रमुख बाजार संजय प्लेस स्थित विज्ञापन एजेंसी के दफ्तर में सजाई गयी थी। इसके रंगरेलियों में किसी प्रकार का व्यवधान न हो इसके लिए ऑफिस के बाहर ताला बंद कर दिया गया था।
बताया जा रहा है कि किसी ने पुलिस को पुनीत के रंगरेलियों की सूचना दे दी, जिसके बाद पुलिस ने ऑफिस के सामने डेरा डाल लिया। ऑफिस को खुलवाकर बिल्डर समूह के निदेशक और युवती को पकड़कर थाने ले जाया गया, वहां कई घंटे तक हंगामा चलता रहा। मामले को मैनेज करने की भी कोशिश की जाती रही। बिल्डर समर्थक तमाम रसूखदार समर्थकों एवं अखबार के सम्पादकीय विभाग के सक्षम लोगों द्वारा पुलिस पर मामले को रफादफा कर लड़के को छोड़ने के लिए दवाब बनाया जाने लगा। पुलिस खासे दबाव में दिखी। पुनीत के ग्रुप के कर्मियों ने समाचार कवरेज करने पहुंचे मीडिया वालों से हाथापाई भी की।

बताया जा रहा है कि रविवार की दोपहर किसी ने हरीपर्वत पुलिस को सूचना दी कि संजय प्लेस में स्थित अवध बैंकट हॉल के पीछे स्थित एलेक्स एड एजेंसी के आफिस में अय्याशी के लिए एक लड़की लाई गयी है। ऑफिस को बाहर से बंद करके अंदर अय्यासी चल रही है। जब सूचना के बाद कोबरा मोबाइल के जवान पहुंचे तो बाहर से ताला पड़ा था, जिससे पुलिस लौट गई। फिर सूचना मिली कि जानबूझकर आफिस में बाहर से ताला डाला गया है। इसके बाद सीओ हरीपर्वत समीर सौरभ थाने के फोर्स के साथ पहुंच गए तथा शटर के पास कान लगाकर अंदर की बातें सुनने की कोशिश करने लगे। जब उन्हें पक्का यकीन हो गया कि अंदर लड़का एवं लड़की मौजूद हैं तो उन्होंने दुकान मालिक को बुलवाया, उसके नहीं आने पर उन्होंने एसएसपी को जानकारी देकर शटर का ताला तोड़़वा दिया।
शटर खुला तो पुनीत अग्रवाल और वह युवतती आपत्तिजनक अवस्था में मिले। पुलिस अभी पूरी तरह से पूछताछ भी नहीं की थी कि इस मामले की जानकारी पूरे शहर हो गई। इसके बाद पुलिस के पास तमाम लोगों के सिफारिशी फोन घनघनाने लगे। दोनों को पुलिस हरीपर्वत थाने ले गई। वहां से युवती को महिला थाने भेज दिया गया। इस दौरान पुष्प सवेरा अखबार के तमाम पत्रकार एवं कर्मचारी भी पहुंच गए। पुनीत के फोटो खींचे जाने को लेकर इन लोगों ने मीडियाकर्मियों से अभद्रता भी की। हाथापाई करने की भी कोशिश की।
हाईप्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस भी मीडिया के सामने कुछ बोलने से बचती नजर आयी। फिलहाल सम्बंधित थाना क्षेत्र के सीओ का कहना है कि पूरे मामले की तफ्तीश जारी है और अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मीडियामैनेजमेंट की कोशिशें भी की जाने लगी, जिससे कि अन्य अखबारों में इस खबर को प्रकाशित होने से रोका जा सके। वैसे इससे पहले भी ये समूह कई बार कानूनी पचड़ों में फँसा है लेकिन अखबारों के लिए शहर का एक बड़ा विज्ञापनदाता होने के कारण मीडिया मैनेजमेंट हमेशा आसानी से कर लिया गया है। पर इस बार यह मुश्किल दिख रहा है। वहीं एसएसपी एससी दुबे ने बताया कि पुनीत के खिलाफ धारा 294 के तहत कार्रवाई की गई है। युवती को परिजनों के हवाले कर दिया गया है। एड एजेंसी आफिस के संबंध में जांच कराई जा रही है।





