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फरेबी मुईज खान को शह देने वाली पंचम तल की महिला अधिकारी हटाई जाए

रजनीश कान्त वर्मा नामक एक व्यक्ति के फर्जी सीबीआई एसपी बन कर लोगों को लूटने सम्बंधित मामले में उनकी पैरवी करने अब्दुल मुईज़ खान पर फरेब, जालसाजी, जमीन कब्ज़ा जैसे कई आरोप होने के बाद भी तीन गनर होने, कई अधिकारियों के तबादले के लिए पैसे लेने और पंचम तल (मुख्यमंत्री कार्यालय) के एक महिला अधिकारी का करीबी होने और वहाँ घंटों समय बिताने के आरोपण के बारे में नेशनल आरटीआई फोरम की कन्वेनर नूतन ठाकुर ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिख कर इन सभी आरोपों के बारे में उच्चस्तरीय जांच कराये जाने की मांग की है.

रजनीश कान्त वर्मा नामक एक व्यक्ति के फर्जी सीबीआई एसपी बन कर लोगों को लूटने सम्बंधित मामले में उनकी पैरवी करने अब्दुल मुईज़ खान पर फरेब, जालसाजी, जमीन कब्ज़ा जैसे कई आरोप होने के बाद भी तीन गनर होने, कई अधिकारियों के तबादले के लिए पैसे लेने और पंचम तल (मुख्यमंत्री कार्यालय) के एक महिला अधिकारी का करीबी होने और वहाँ घंटों समय बिताने के आरोपण के बारे में नेशनल आरटीआई फोरम की कन्वेनर नूतन ठाकुर ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिख कर इन सभी आरोपों के बारे में उच्चस्तरीय जांच कराये जाने की मांग की है.

ठाकुर ने निवेदन किया है कि यदि मुइज़ खां की आपराधिक भूमिका प्रकाश में आती है तो उसमें कार्रवाई कराई जाये. साथ ही मुइज़ खां को इतने सारे जालसाजी, गबन आदि जैसे गंभीर आपराधिक मुकदमों के बाद भी तीन-तीन गनर मिलने के लिए जिम्मेदार शासन तथा प्रशासन के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए. इसके अलावा यदि उनके खुलेआम मुख्यमंत्री कार्यालय में आने-जाने और एक महिला अधिकारी के यहाँ घंटों बैठने, उनके नजदीकी होने की बात सामने आती है तो उक्त महिला अधिकारी को कार्यालय से तत्काल हटते हुए उनके विरुद्ध उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाए.

नीचे डा. नूतन ठाकुर द्वारा सीएम अखिलेश यादव को भेजा गया पत्र-


सेवा में,
श्री अखिलेश यादव,
मुख्य मंत्री,
उत्तर प्रदेश,
जनपद लखनऊ   

विषय- श्री मुइज़ खान विषयक  

महोदय,
 
कृपया अनुरोध है कि मैं डॉ. नूतन ठाकुर पारदर्शिता के क्षेत्र में कार्यरत नेशनल आरटीआई फोरम की कन्वेनर हूँ. मुझे दिनांक- 13/12/2012 को दैनिक जागरण (ठग के सरगना पर अफसर मेहरबान), अमर उजाला (कथित पत्रकार ही निकला मास्टरमाइंड) तथा हिंदुस्तान (अफसरों के तबादलों के लिए ले रखी थी रकम) अखबारों में प्रकाशित खबरों (प्रतिलिपि संलग्न) के माध्यम से श्री रजनीश कान्त वर्मा नामक एक व्यक्ति के फर्जी सीबीआई एसपी बन कर लोगों को लूटने सम्बंधित एक मामले की जानकारी हुई.  

इन खबरों से यह भी ज्ञात हुआ कि श्री रजनीश वर्मा के गिरफ्तार होते ही उनकी पैरवी करने श्री अब्दुल मुइज़ खान नाम के एक व्यक्ति पहुंचे. इससे भी गंभीर बात यह मालूम हुई कि श्री खान पर करीब छह दर्ज़न मुकदमे दर्ज हैं. अकेले थाना हजरतगंज में उन् पर 1996 में तीन, 1997 में एक तथा 1998 में दो मुकदमे दर्ज हुए थे. उनके विरुद्ध सीबीआई जांच तथा बैंक से ऋण लेने के मामले में भी जांच चल रही है. जमीन कब्जे के एक मामले में भी जांच चल रही है.  

इसके बाद भी श्री खान को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा तीन गनर दिये गए हैं और एक गनर अब उनकी पत्नी को भी दिये जाने की कार्यवाही चल रही है. दैनिक जागरण समाचारपत्र के अनुसार सीओ हजरतगंज श्री दिनेश यादव ने कहा है कि श्री रजनीश वर्मा श्री अब्दुल मुइज़ के ईशारों पर काम करते हैं. बांदा जिले में खनन का ठेका दिलवाने के लिए श्री खान ने पन्द्रह लाख की डील की थी. हिंदुस्तान अखबार के अनुसार श्री वर्मा के पास से कई अधिकारियों के तबादले सम्बंधित दस्रावेज़ भी मिले थे और उन्हें कई अधिकारियों ने तबादले के लिए पैसे दे रखे थे.  
अमर उजाला अखबार के अनुसार इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड श्री अब्दुल मुइज़ हैं.  

इन सब से भी गंभीर बात जो सीधे आपके कार्यालय से सम्बन्ध रखती है और जो मुख्यमंत्री कार्यालय को भी आरोपित करती है वह यह है कि दैनिक जागरण के अनुसार श्री मुइज़ खान स्वयं को पंचम तल (मुख्यमंत्री कार्यालय) के एक महिला अधिकारी का करीबी होने की बात कहता है. अमर उजाला अखबार के अनुसार “पंचम तल पर उसका प्रवेश धडल्ले से होता था. वह वहाँ घंटों समय बिताता.” साथ ही इस समाचारपत्र के अनुसार-“ पुलिस की मानें तो जालसाज़ पत्रकार की पंचम तल पर तैनात एक महिला अफसर से अच्छे सम्बन्ध हैं. अकसर वह वहीँ दिखाई देता है.”

ये सारी बातें ऐसी हैं जो सीधे-सीधे आपके कार्यालय के विषय में अत्यंत गंभीर आरोप हैं और आपके प्रशासन को बदनाम करने वाली हैं. आप जैसे युवा मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार स्वच्छ प्रशासन देने की बात कही जा रही है पर यदि स्वयं आपके कार्यालय में बैठी कोई महिला अधिकारी श्री मुइज़ खान जैसे लोगों को शह दे रही हों, उन्हें घंटों अपने पास बैठा रही हों और उनका आपके कार्यालय में आना-जाना इतना सुगम बना हो तो फिर आपके स्वच्छ प्रशासन के सारे प्रयास धरे के धरे रह जायेंगे. अतः आपके युवा और उत्साही मुख्यमंत्री होने तथा कथित रूप से स्वच्छ प्रशासन की चाहत रखने के नाते मैं आपसे निवेदन करती हूँ कि कृपया इन तथ्यों की उच्च-स्तरीय जांच करवाएं कि-  

1. क्या श्री अब्दुल मुइज़ के श्री रजनीश कान्त वर्मा के सरगना होने तथा धोखाधडी करने सम्बंधित जो बातें समाचारपत्रों में छपी हैं, वे सही हैं  

2. क्या श्री खान तथा श्री वर्मा द्वारा बांदा जनपद के खनन मामले में पन्द्रह लाख रुपये लेने वाली बात सही है  

3. क्या श्री खान पर कई गंभीर मुकदमे होने के बाद भी तीन-तीन गनर मिलने और अब अपनी पत्नी के नाम एक गनर पाने के प्रयास वाली बात सही है  

4. क्या श्री वर्मा तथा श्री खान को काफी सारे सरकारी अफसरों द्वारा तबादले के लिए पैसे दिये गए थे  

5. क्या श्री खान का आपके कार्यालय (पंचम तल) में काफी आना-जाना था  

6. क्या श्री मुइज़ खान का आपके कार्यालय में किसी महिला अधिकारी के यहाँ काफी उठाना-बैठना था और बहुत अच्छे सम्बन्ध थे  
 
कृपया इन बिंदुओं पर हुई जांच के अनुसार आपसे मैं निम्न निवेदन करती हूँ-

1. यदि श्री वर्मा से जुड़े थाना हजरतगंज में फर्जी एसपी सीबीआई बन कर लूटने विषयक आपराधिक मुकदमे में श्री मुइज़ खां की भूमिका प्रकाश में आती है तो कृपया उनके विरुद्ध भी आपराधिक मुकदमे में कार्यवाही किये जाने विषयक निर्देश सम्बंधित पुलिस अधिकारियों को दिये जाने की कृपा करें.  

2. यदि श्री मुइज़ खां को इतने सारे झूठ, फरेब, जालसाजी, गबन आदि जैसे गंभीर आपराधिक मुकदमों के बाद भी तीन-तीन गनर मिलने की बात प्रकाश में आती है तो कृपया इसके लिए जिम्मेदार शासन तथा प्रशासन के अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की कृपा करें.  

3. यदि जनपद बांदा के खनन मामले में पन्द्रह लाख दिये जाने की बात सामने आती है तो सम्बंधित अधिकारी को प्रकाश में ला कर उनके विरुद्ध आपराधिक एवं प्रशासनिक कार्यवाही करने की कृपा करें.  

4. यदि श्री मुइज़ खान के खुलेआम स्वयं आपके कार्यालय में आने-जाने और एक महिला अधिकारी के यहाँ घंटों बैठने, उनके नजदीकी होने की बात सामने आती है तो उक्त महिला अधिकारी को अपने कार्यालय से तत्काल हटते हुए उनके विरुद्ध उचित प्रशासनिक कार्यवाही करने की कृपा करें.  

मैं यह निवेदन करुँगी कि इस जांच में इन समाचारपत्रों के सम्बंधित पत्रकारों से भी मामले को समझने और इसकी सच्चाई को जानने में काफी मदद मिलने की संभावना रहेगी, अतः यह संभवतः उचित हो कि जांचकर्ता अधिकारी इन तीनों समाचारपत्रों के उपरोक्त समाचारों को लिखने वाले पत्रकारों से भी संपर्क करें और उनसे महत्वपूर्ण तथ्य हासिल करें. साथ ही इन समाचारों में श्री दिनेश यादव सहित जिन अधिकारियों के नाम लिखे हैं उनसे भी पूछताछ काफी लाभप्रद हो सकता संभाव्य दिखता है.

भवदीय
 
(डॉ नूतन ठाकुर)
 5/426, विराम खंड,
 गोमती नगर, लखनऊ  
  94155-34525

पत्र संख्या- NRF/CMS/MK/01
दिनांक- 13/12/2012

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