: नाम, नम्बर पाने के लिए फैलाई गई थी अफवाह : वाकई, लालच में बड़ी शक्ति होती है। असलियत में हुआ यह कि उत्तर प्रदेश के सूचना विभाग ने समस्त जिलों के सूचना कार्यालयों से सक्रिय पत्रकारों की नाम, नंबर और पते सहित सूची मांगी है। निर्धारित अवधि के अन्दर सूचना भेजनी थी, लेकिन सूचना कार्यालय बदायूं के कर्मचारी के कई-कई बार फोन करने के बावजूद पत्रकार कार्यालय आकर जानकारी नहीं दे रहे थे। इसी बीच यह अफवाह फ़ैल गई कि सपा सरकार जिलों के सक्रिय पत्रकारों को आवास देने जा रही है और आवास उन्हीं को मिलेंगे, जिनका सूचना कार्यालय की सूची में नाम होगा।
फिर क्या था, देखते ही देखते पत्रकारों का सैलाब सूचना भवन की ओर उमड़ पड़ा। एक-एक के पास दो-दो, तीन-तीन चैनल हैं, सो ऐसे लोगों ने अपने बारे में दो-दो,तीन-तीन कालम अलग-अलग भरे हैं, ताकि एक चैनल के नाम एक मकान मिला, तो कई-कई मिल जायेंगे। वहीं जो सक्रिय नहीं हैं, वह भी अपना नाम लिखाने की मिन्नतें करते देखे गये, लेकिन ऐसे लोगों के नाम नहीं जा पाए, जिससे मायूस भी देखे गये। कुल मिला कर मकान मिलने की अफवाह फैलाने वाले पत्रकारों की हरकतें देख कर आजकल खूब मस्ती कर रहे हैं। कह रहे हैं कि यह अफवाह न फैलाई होती तो एक न आता।







