: जनवाणी से जुड़े अनिल रावत : राष्ट्रीय सहारा से खबर है कि देहरादून एडिशन के स्थानीय संपादक एलएन शीतल के साथ हुए विवाद में नोएडा एटैच किए गए ब्यूरो चीफ अमरनाथ की वापसी कर दी गई है। अमरनाथ को ब्यूरो चीफ के पद पर ही देहरादून भेजा गया है। करीब छह पूर्व ब्यूरो चीफ और संपादक के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मारपीट की नौबत आ गई थी। इस विवाद के चलते ही अमरनाथ को नोएडा अटैच कर लिया गया था।
अब इस नये घटनाक्रम को स्थानीय संपादक एलएन शीतल के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है। शीतल के विरोधी इस वापसी के कई मायने निकाल रहे हैं। शीतल इन दिनों एक और मुश्किल में फंसे हैं। हुआ यूं कि सहारा ने राज्य सरकार से मिले चार पृष्ठों का पिछले दिनों विज्ञापन परिशिष्ट छापा, लेकिन उसका ऐसा गुड़गोबर हुआ कि मुख्यमंत्री की नाराजगी के चलते वही परिशिष्ट अगले दिन दोबारा छापना पड़ा, और जो भद्द पिटी सो अलग। विज्ञापन में सीएम खंडूड़ी के ‘भ्रष्टाचार की दिशा में बढ़ते कदम’ जैसे स्लोगन छपने के साथ ही कई और गलतियां चली गईं। यह विज्ञापन उसी दिन बाजार में आया जब खंडूड़ी, भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त बिल विधानसभा में पेश कर रहे थे। इस मामले की भी सहारा में जांच चल रही है।
उधर, देहरादून से ही एक अन्य खबर है कि अभी तक अंग्रेजी दैनिक ट्रिब्यून को अपनी सेवाएं दे रहे फोटो जर्नलिस्ट अनिल रावत ने देहरादून में ही दैनिक जनवाणी ज्वाइन कर लिया है।






