Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

भास्‍कर के नेशनल ब्‍यूरो से स्मिता मिश्रा का इस्‍तीफा

: यतीश राजावत के व्‍यवहार से नाराज हैं पत्रकार : दैनिक भास्‍कर के नेशनल ब्‍यूरो में स्थितियां बहुत खराब हो चुकी हैं. बिजनेस भास्‍कर के संपादक एवं मैनेजिंग एडिटर यतीश राजावत के व्‍यवहार से पत्रकारों में नाराजगी है. खबर है कि राजावत के व्‍यवहार से क्षुब्‍ध दैनिक भास्‍कर की स्‍पेशल करेस्‍पांडेंट स्मिता मिश्रा ने इस्‍तीफा दे दिया है. स्मिता का जाना भास्‍कर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. स्मिता ने भास्‍कर के लिए कई खबरें ब्रेक की हैं. सूत्रों का कहना है कि स्मिता के बाद कुछ और सीनियर पत्रकार यतीश राजावत के रवैये से नाराज चल रहे हैं और जल्‍द ही इस्‍तीफा दे सकते हैं.

: यतीश राजावत के व्‍यवहार से नाराज हैं पत्रकार : दैनिक भास्‍कर के नेशनल ब्‍यूरो में स्थितियां बहुत खराब हो चुकी हैं. बिजनेस भास्‍कर के संपादक एवं मैनेजिंग एडिटर यतीश राजावत के व्‍यवहार से पत्रकारों में नाराजगी है. खबर है कि राजावत के व्‍यवहार से क्षुब्‍ध दैनिक भास्‍कर की स्‍पेशल करेस्‍पांडेंट स्मिता मिश्रा ने इस्‍तीफा दे दिया है. स्मिता का जाना भास्‍कर के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. स्मिता ने भास्‍कर के लिए कई खबरें ब्रेक की हैं. सूत्रों का कहना है कि स्मिता के बाद कुछ और सीनियर पत्रकार यतीश राजावत के रवैये से नाराज चल रहे हैं और जल्‍द ही इस्‍तीफा दे सकते हैं.

स्मिता साढ़े चार साल से भास्‍कर के साथ जुड़ी हुई थीं. अमर उजाला, जम्‍मू से चौदह साल पहले करियर की शुरुआत करने वाली स्मिता ने आतंकवाद के चरम दौर में कई स्‍टोरियां ब्रेक की, कई मानवीय एवं संवेदनशील स्‍टोरियां लिखीं. इसके बाद वे दिल्‍ली में ईटीवी एवं जनमत के साथ भी जुड़ी रहीं. जनमत से इस्‍तीफा देने के बाद वे भास्‍कर के साथ जुड़ गई थीं, जहां उन्‍होंने कई खबरें ब्रेक कीं. सूत्रों का कहना है कि जल्‍द ही वे दिल्‍ली में ही किसी नेशनल हिंदी अखबार के साथ जुड़ने वाली हैं. स्मिता मिश्रा ने अपने इस्‍तीफे की बात ट्विटर पर भी लिखा है. बताया जा रहा है कि राजावत के व्‍यवहार से नाराज कम से कम दो और सीनियर पत्रकार अपना इस्‍तीफा सौंप सकते हैं.

गौरतलब है कि इसके पहले भी भास्‍कर में सत्‍ता केंद्रों को लेकर टकराव की बात सामने आई थी, जब समूह संपादक श्रवण गर्ग को विश्‍वास में लिए बगैर यतीश राजावत ने अग्निमा दुबे और प्रमोद कुमार सुमन को निकाले जाने का फरमान सुना दिया था. यतीश के खिलाफ काफी समय से बगावत की आग सुलग रही है. कहा जा रहा है कि टॉप मैनेजमेंट ने अगर ध्‍यान नहीं दिया तो भास्‍कर के नेशनल ब्‍यूरो में स्‍तरीय पत्रकारों का टोटा हो जाएगा.

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...