नई दिल्ली। वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने जहां बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में राजमार्ग पर हुई मीडिया के प्रति पुलिसिया कार्रवाई की निंदा करते हुए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से माफी मांगी। वहीँ, सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने घटना की आलोचना के साथ ही साथ मीडिया पर भी निशाना साधा और मीडिया को गाइड लाइन तक याद दिला डाली। मनीष तिवारी ने कहा कि मीडिया को विरोध प्रदर्शन के दौरान पैदा हुई हिंसा की स्थिति की संवेदनशीलता को समझना चाहिए था। साथ ही इस पर भी विचार करना चाहिए था कि इण्डिया गेट और राजमार्ग का आलम क्या था और वहां की परिस्थितियां कैसी हो गई थीं।
उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया पर हुए हमले को तरजीह देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के दौरान लोगों को जो चोटें आईं, उससे दिल्ली पुलिस के काम में भी दखल हुआ। कुछ लाठियों का शिकार हुए और कुछ अन्य घायल होने से बच गए। उन्होंने कहा, ''इस सबके लिए मैं माफी मांगता हूं, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप भी बड़प्पन और बड़ा दिल दिखाते हुए इस घटना को अब भूल जाएं और लोगों को शांत करने में हमारी मदद करें।'' (पर्दाफाश)






