नई दिल्ली : जी समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने आज पुलिस को पत्र लिखकर बताया कि अपने चैनल के दो वरिष्ठ संपादकों की ओर से जबरन वसूली की मांग के आरोपों के सिलसिले में वह जांच का सामना करने को तैयार हैं। दिल्ली पुलिस ने पिछले महीने यह कहते हुए चंद्रा को दो नोटिस जारी किए थे कि कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की कंपनी से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपए जबरन वसूल किए जाने की कोशिश के आरोपों में जी समूह के संपादकों सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया की गिरफ्तारी के बाद उन्हें जांच में शामिल होना चाहिए।
जी समूह के दोनों संपादकों पर आरोप है कि उन्होंने जिंदल की कंपनी के खिलाफ नकारात्मक खबरें न दिखाने के एवज में रुपयों की मांग की। अपने वकील आरके हांडू के जरिए दिल्ली पुलिस को लिखे गए पत्र में जी समूह के अध्यक्ष ने दावा किया कि ‘‘निहित स्वार्थों’’ की वजह से सार्वजनिक तौर पर यह धारणा बनी कि वह जानबूझकर जांच में शामिल नहीं हो रहे हैं। इस मुहिम को ‘‘अनैतिक’’, ‘‘दुर्भावनापूर्ण’’ और ‘‘अवांछित’’ करार देते हुए अपने पत्र में चंद्रा ने कहा कि 27 नवंबर को उन्हें भारत और विदेशों में पहले से निर्धारित बैठकों में हिस्सा लेना था।
पत्र में यह भी कहा गया है कि एस्सेल समूह के अध्यक्ष के तौर पर उनकी बैठकों की योजना दो महीने पहले ही तैयार हो जाती है और इनमें अचानक होने वाले किसी बदलाव से न केवल बाकी काम प्रभावित होते हैं बल्कि उनकी छवि पर भी इसका असर पड़ता है। (एजेंसी)






