कभी कभी लाख चालाकी के बावजूद व्यक्ति अथवा संस्था का असली चरित्र सामने आ ही जाता है. पेड न्यूज को लेकर सबसे ज्यादा बदनाम रहे दैनिक जागरण किस तरह की पत्रकारिता करता है, उसकी एक ऑन लाइन खबर से साफ नजर आ जाता है. अखबार में जनसरोकार से ज्यादा विज्ञापन देने वालों को कितना महत्व दिया जाता है इसका प्रमाण है चंदौली की एक खबर. बनारस यूनिट से जुड़े इस जिले से एक खबर भेजी गई है, जिसमें शायद हेडिंग के आगे विज्ञापनदाता लिखकर खबर को महत्व देने के बारे में पेज देखने वाले को बताया गया है, पर विडम्बना कि इस खबर को नेट पर डालने वाले ने कुछ नहीं देखा और जस का तस उसे वेबसाइट पर डाल दिया.
अब आप समझ सकते हैं कि बनारस में कैसे कैसे लोग जागरण अखबार को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जागरण भले ही जनसरोकार की खबरों को छोड़ दे पर अपने विज्ञापनदाताओं को खबरों को छोड़ना पाप समझता है. पर इसी चक्कर में उससे यह पाप भी हो गया है. आप भी देखिए इस खबर और इसकी हेडिंग को और थू-थू करिए बनारस में जागरण की पम्पलेटी पत्रकारिता पर.







