Prakash Hindustani : वाह राजदीप! वाह!! आज के भास्कर में ओवैसी पर राजदीप सरदेसाई का लेख पढ़ा. सिर चकरा गया! राजदीप ने तो ओवैसी के बारे कुछ भी अच्छा नहीं लिखा. उसके सांसद भाई के यहाँ दिल्ली में बोटी-रोटी का ज़िक्र भी. परंपरानुसार तोगड़िया भी आया. अचरज ! घोर अचरज!!!…लेकिन आख़िरी पैरे में आकर राजदीप ने अपना ओवैसी प्रेम भी जाहिर कर ही दिया…..इसे कहते हैं प्रतिबद्ध पत्रकारिता!!!
वाह राजदीप! वाह!! आज के भास्कर में ओवैसी पर राजदीप सरदेसाई का लेख पढ़ा. सिर चकरा गया! राजदीप ने तो ओवैसी के बारे कुछ भी अच्छा नहीं लिखा. उसके सांसद भाई के यहाँ दिल्ली में बोटी-रोटी का ज़िक्र भी. परंपरानुसार तोगड़िया भी आया. अचरज ! घोर अचरज!!!…लेकिन आख़िरी पैरे में आकर राजदीप ने अपना ओवैसी प्रेम भी जाहिर कर ही दिया…..इसे कहते हैं प्रतिबद्ध पत्रकारिता!!!
Ramesh Mishra Chanchal : वाह राजदीप! वाह!!
Shishir Shukla : हमने तो कहा था बड़े पत्रकारों की बात पर भरोसा मत करना
K Lal Hindustani : Such people are stooges of certain vested interests
Pushpendra Dubey : bada patrakar vahee hai jo dhol ko dono taraf se acchaa bajanaa jaantaa ho.
K Lal Hindustani : badaa desh drohee
Sandip Naik : अगर यह है प्रतिबद्ध पत्रकारिता, तो पीत क्या है और असली क्या है……..और आगे का सवाल कि किस पर भरोसा करें…………???
Gyanesh Upadhyay : prakash ji, main aapse purntah sahmat hun
बी.पी. गौतम : यूं ही बड़े नहीं हो गये सर
वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी के फेसबुक वॉल से साभार.






