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रवींद्र मौर्या ने की ‘गुंडई’, पीटे गए जनसंदेश टाइम्‍स के दो कर्मचारी

बनारस में स्‍थानीय लोगों से 'गुंडई' करना जनसंदेश टाइम्‍स के कुछ कर्मचारियों के लिए भारी पड़ गया. रविवार को स्‍थानीय लोगों ने जनसंदेश टाइम्‍स के ऑफिस में घुसकर दो कर्मचारियों की जमकर धुनाई की. मारपीट करने वाले लोग भीड़ के हाथ नहीं लगे अन्‍यथा उनकी धुक्‍का फजीहत करने की तैयारी पूरी थी. उग्र भीड लगभग 20 मिनट तक अखबार के ऑफिस को अपने कब्‍जे में कर रखा था. पुलिस को सूचना देने के बाद स्‍थानीय लोग अखबार कार्यालय से बाहर निकले. इस मामले में दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा है. अखबार के घायल कर्मचारी को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है.

बनारस में स्‍थानीय लोगों से 'गुंडई' करना जनसंदेश टाइम्‍स के कुछ कर्मचारियों के लिए भारी पड़ गया. रविवार को स्‍थानीय लोगों ने जनसंदेश टाइम्‍स के ऑफिस में घुसकर दो कर्मचारियों की जमकर धुनाई की. मारपीट करने वाले लोग भीड़ के हाथ नहीं लगे अन्‍यथा उनकी धुक्‍का फजीहत करने की तैयारी पूरी थी. उग्र भीड लगभग 20 मिनट तक अखबार के ऑफिस को अपने कब्‍जे में कर रखा था. पुलिस को सूचना देने के बाद स्‍थानीय लोग अखबार कार्यालय से बाहर निकले. इस मामले में दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा है. अखबार के घायल कर्मचारी को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है.

जानकारी के अनुसार जनसंदेश टाइम्‍स का एकाउंटेंट अतुल विश्‍वकर्मा कंपनी की गाड़ी लेकर किसी काम से गया था. वापस कार्यालय में आते समय उसकी गाड़ी से किसी बच्‍चे को चोट लग गई. इस बात को लेकर स्‍थानीय लोगों से विवाद हुआ. उसने माफी मांगकर किसी तरह मामला सुलझाया. पर कुछ स्‍थानीय लोगों ने उसके साथ गाली ग्‍लौज कर दी. फिर भी मामला सुलट गया. पर इसी बीच अखबार के एक डाइरेक्‍टर रवींद्र मौर्य को जब इसकी जानकारी हुई तो वे अपने सुरक्षा गार्डों के साथ घटना स्‍थल पर पहुंचे और एक युवक की पिटाई कर दी.

बताया जा रहा है कि जब रवींद्र के इस कारनामे की जानकारी स्‍थानीय लोगों को मिली तो वे उत्‍तेजित हो गए. कम से कम चार दर्जन की संख्‍या में स्‍थानीय लोग जनसंदेश टाइम्‍स के कार्यालय में पहुंचे और सामने दिख गए सुपरवाइजर सुनील मौर्य को पीटना शुरू कर दिया. सुनील की जमकर धुनाई की. हमले में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गए. इसके बाद भीड़ के हाथ आईटी का एक ट्रेनी सावन कुमार लग गया. भीड़ ने इसकी भी धुनाई कर डाली. इसके बाद स्‍थानीय लोगों की भीड़ रवींद्र को खोजते हुए पूरे ऑफिस पर कब्‍जा जमा लिया.

बताया जा रहा है कि रवींद्र भीड़ के हाथ नहीं लगे नहीं तो उसकी भी जमकर थुक्‍का फजीहत हो जाती. इस दौरान लगभग बीस मिनट तक अखबार की पूरी बिल्डिंग नाराज भीड़ के कब्‍जे में रही. हालांकि इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस के आने के पहले ही स्‍थानीय लोग मौके से निकल गए. इसके बाद अखबार के घायल कर्मचारियों को अस्‍पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज हुआ. पुलिस ने अखबार प्रबंधन की शिकायत के बाद दो लोगों को हिरासत में ले लिया है.

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