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रहस्‍यमय आकृति से गोरखपुर के पुलिस लाइन में सनसनी

: राष्‍ट्रीय सहारा और अमर उजाला ने खबर छापकर दहशत और बढ़ाया : गोरखपुर के पुलिस लाइन में सनसनी फैली हुई है. एक युवक के मोबाइल में अनायास ही एक ऐसी तस्‍वीर खींच गई है, जिसे लोग प्रेत-भूत-आत्‍मा-चुड़ैल मानकर दहशत में हैं. अब हाल यह है कि शाम होते ही बच्‍चे घरों में कैद होने लगे हैं और महिलाओं ने रात में निकलना बंद कर दिया है. इस खबर को राष्‍ट्रीय सहारा और अमर उजाला ने प्रकाशित कर माहौल को और अधिक डरावना बना दिया है. इसके बाद से नई-नई बातें और चर्चाएं सामने आने लगी हैं और डर-भय का दायरा बढ़ने लगा है.

: राष्‍ट्रीय सहारा और अमर उजाला ने खबर छापकर दहशत और बढ़ाया : गोरखपुर के पुलिस लाइन में सनसनी फैली हुई है. एक युवक के मोबाइल में अनायास ही एक ऐसी तस्‍वीर खींच गई है, जिसे लोग प्रेत-भूत-आत्‍मा-चुड़ैल मानकर दहशत में हैं. अब हाल यह है कि शाम होते ही बच्‍चे घरों में कैद होने लगे हैं और महिलाओं ने रात में निकलना बंद कर दिया है. इस खबर को राष्‍ट्रीय सहारा और अमर उजाला ने प्रकाशित कर माहौल को और अधिक डरावना बना दिया है. इसके बाद से नई-नई बातें और चर्चाएं सामने आने लगी हैं और डर-भय का दायरा बढ़ने लगा है.

पुलिस लाइन में आटा चक्की के पास एन ब्लाक में तीन मंजिला भवन है. उसमें कुशीनगर जिले में तैनात रिजवान का परिवार रहता है. रिजवान के बेटे आमिर ने नया मोबाइल हैंडसेट खरीदा. करवाचौथ के दिन दोपहर करीब तीन बजे रेलिंग के पास खड़ा होकर सीढ़ी पर रखे साइकिल की वह फोटो खींचने लगा, तभी तस्वीर में उभरी एक आकृति देखकर वह चौंक गया. साइकिल के ऊपर सीढ़ी की जाली से सटी साड़ी पहने महिला की छाया फोटो में नजर आई. उसने अपने दोस्तों को भी फोटो दिखाई.

बिल्डिंग में रहने वाले अनिल के बेटे आदर्श, नंदराज के बेटे अविनाश इत्यादि ने बताया कि रात में कभी-कभी छत पर पायल की छन-छन और महिला के रोने की आवाज सुनाई पड़ती है. एन ब्‍लॉक के मकान के छत से दस साल के भीतर तीन लोग गिर चुके हैं पर उनको कोई नुकसान नहीं हुआ. अब इन घटनाओं को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है. एसओजी प्रभारी राजकुमार शर्मा कहते हैं कि पुलिस लाइन में भूत-प्रेत का साया नहीं हो सकता है. मोबाइल में महिला की आकृति का बनना महज संयोग है. यह किसी बालक की शरारत भी हो सकती है. वह इंटरनेट और दूसरे तकनीकी माध्‍यमों से तैयार किया गया भी हो सकता है. बहरहाल, इस मामले पर अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है. नीचे राष्‍ट्रीय सहारा में छपी खबर.

पुलिस लाइन में एक भूतनी सी.. दहशत

गोरखपुर (एसएनबी)। पुलिस लाइन के एन. ब्लाक में करवाचौथ के दिन ‘प्रेतात्मा’ दिखी ! यह किसी के आखों का भ्रम था, हकीकत था या किसी मकसद से कोई ‘साइबर खेल’ यह ठीक-ठीक नहीं कहा जा सकता लेकिन पुलिस लाइन में दहशत है यह स्पष्ट दिख रहा है। कथित प्रेतात्मा की फोटो कई ने अपने मोबाइलों में सेव कर रखा है। पिछले कई वर्षो से रात 12 बजे के बाद होने वाली पायल की झंकार व किसी महिला के रोने की आवाज से लोग सशंकित रहते हैं। रात के आठ बजते ही इस ब्लाक में रहने वाले वर्दीधारी व उनके परिजन खौफ के कारण अपना दरवाजा बंद कर लेते हैं। उधर नेट के जानकारों का कहना है कि तमाम वेबसाइटों पर इस तरह के चित्र उपलब्ध हैं जिसमें छेड़छाड़ कर ऐसी इमेज बनाई जा सकती है। कुछ दिमागी फितूर वाले लोग सनसनी फैलाने के लिए ऐसा कर सकते हैं। करवा चौथ के दिन इस ब्लाक में ऐसी घटना घटी जिसके बाद पुलिसकर्मी व उनके परिजन काफी भयभीत हैं। उस दिन दोपहर का वक्त था। समय यही कोई 2 बजकर 30 मिनट हो रहा था। इस ब्लाक में रहने वाले वर्दीधारी रिजवान का बेटा आमिर अपनी नई मोबाइल से ब्लाक के क्वार्टर संख्या चार व पांच के बीच बनी सीढ़ी के फर्स्‍ट फ्लोर पर जंगले के पास रखी साइकिल की फोटो खींच रहा था। फोटो का व्यू उसने मोबाइल में देखा तो उसके होश उड़ गये। साइकिल की फोटो के साथ ही हवा में खड़ी एक महिला की फोटो भी थी। महिला का साया सफेद वस्त्र में लिपटा था। मोबाइल में कैद तस्वीर में उभरी साफ साया उसने मौके पर मौजूद अपने अन्य मित्रों को दिखाया। सभी के अंदर डर समा गया। इस घटना के बाद से देर रात तक बाहर घूमने, टहलने व कालोनी में अपने दोस्तों के साथ खेलने वाले बच्चे, किशोर व युवा, महिलाएं अब रात के 8 बजते ही अपने को घरों में कैद कर ले रही हैं। जब तक विशेष आवश्यकता न हो लोग रात में दरवाजा खोलने से भी कतरा रहे हैं। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि फोटो देखकर अब उसे भी रात में बाहर से आने पर भय लगता है। कक्षा 8 में पढ़ने वाले अविनाश पुत्र नंदराज व कक्षा 6 में पढ़ने वाले आदर्श पुत्र अनिल ने बताया कि रात में छत पर पायल की झंकार किसी महिला के रोने की आवाज उन्होंने सुनी है। महिलाओं ने भी इस बात की पुष्टि की। महिलाओं ने बताया कि पिछले पांच वर्षो में अचानक दो हादसे हुए। सिपाही उमेश की बेटी व एक फालोवर अचानक छत से नीचे गिर गये। तीन मंजिले से नीचे गिरने के बाद भी वे साफ-साफ बच गये। उन्हें मामूली चोट आयी। शाहपुर थाने पर किसी प्रेतात्मा के वास की कहानी शायद ही कोई पुलिसकर्मी हो जो अनभिज्ञ हो। हालात यह है कि शाहपुर थाने पर तैनाती से पुलिसकर्मी कतराते हैं।

एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र .

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
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