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राष्‍ट्रीय सहारा के प्रिंट लाइन से जयव्रत राय एवं सुशांतो राय का नाम हटा

: गोरखपुर के स्‍थानीय संपादक अनिल पांडेय का नाम भी नदारद : सहारा समूह के अखबार राष्‍ट्रीय सहारा के प्रिंट लाइन में कुछ बदलाव हुए हैं. हालांकि किस कारण प्रबंधन ने यह बदलाव किए हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. लेकिन माना जा रहा है कि किसी कानूनी अड़चन से बचने के लिए प्रबंधन ने यह फैसला लिया है. वहीं गोरखपुर के स्‍थानीय संपादक का नाम भी प्रिंट लाइन से हटा दिया गया है.

: गोरखपुर के स्‍थानीय संपादक अनिल पांडेय का नाम भी नदारद : सहारा समूह के अखबार राष्‍ट्रीय सहारा के प्रिंट लाइन में कुछ बदलाव हुए हैं. हालांकि किस कारण प्रबंधन ने यह बदलाव किए हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. लेकिन माना जा रहा है कि किसी कानूनी अड़चन से बचने के लिए प्रबंधन ने यह फैसला लिया है. वहीं गोरखपुर के स्‍थानीय संपादक का नाम भी प्रिंट लाइन से हटा दिया गया है.

जानकारी के अनुसार राष्‍ट्रीय सहारा में अब तक प्रबंध संपादक के रूप में जयव्रत राय तथा मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी के रूप में सुशांतो राय का नाम प्रकाशित किया जाता था. समूह संपादक के रूप में रणविजय सिंह का नाम जाता था, परन्‍तु रविवार से प्रिंट लाइन चेंज कर दिया गया है. जयव्रत राय तथा सुशांतो राय का नाम प्रिंट लाइन से हटा दिया गया है. रणविजय सिंह का नाम समूह संपादक के रूप में सभी एडिशनों में प्रकाशित हो रहा है.

दूसरी तरफ गोरखपुर से खबर है कि इन बदलावों के साथ यहां के स्‍थानीय संपादक का नाम भी प्रिंट लाइन से हटा दिया गया है. रविवार से स्‍थानीय संपादक अनिल पांडेय का नाम प्रिंट लाइन में नहीं जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि अनिल पांडेय को गोरखपुर के प्रबंधक पीयूष बंका ने मीठा झटका दिया है. माना जा रहा है कि पीयूष के इशारे पर ही प्रिंट लाइन से स्‍थानीय संपादक अनिल पांडेय का नाम हटाया गया है. 

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