नोएडा से प्रकाशित मिडे डे दैनिक चेतना मंच अब अपना विस्तार शुरू किया है. अखबार का संस्करण नोएडा के साथ लखनऊ से भी प्रकाशित होगा. लखनऊ एडिशन का संपादक वरिष्ठ पत्रकार राजेश श्रीनेत को बनाया गया है. राजेश श्रीनेत लम्बे समय तक अमर उजाला के साथ रहे हैं. वे उजाला को बरेली तथा इलाहाबाद में अपनी सेवाएं दी हैं. हिंदुस्तान, वाराणसी की लांचिंग भी राजेश श्रीनेत ने ही कराया था. हिंदुस्तान के आरई के रूप में इन्होंने अखबार को पहचान दी थी. यहां से इस्तीफा देने के बाद वे लखनऊ में रहकर खुद की एक पत्रिका का प्रकाशन करने लगे थे. इसके बाद सहारा प्रबंधन ने इन्हें आरई बनाकर देहरादून के लांचिंग की जिम्मेदारी सौंपी थी. बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था.
इस संदर्भ में पूछे जाने पर चेतना मंच के प्रधान संपादक आरपी रघुवंशी ने बताया कि हम विस्तार की योजनाओं पर काम कर रहे हैं. इस दिशा में यह पहला कदम है. राजेश श्रीनेत वरिष्ठ एवं सुलझे हुए पत्रकार हैं, उनके नेतृत्व में चेतना मंच लखनऊ में भी नई पहचान बनाएगा तथा लोगों की आवाज बनेगा. हम आगे भी नए एडिशन लांच करेंगे. नीचे राजेश श्रीनेत के फेसबुक पर डाला गया चेतना मंच के लांचिंग का पोस्ट.
लखनऊ। अदब के शहर लखनऊ में ताजा एवं निष्पक्ष खबरों का आगाज लेकर हिन्दी दैनिक चेतना मंच ने शुक्रवार को जोश खरोश के साथ शुरुआत की। अपर पुलिस महानिदेशक मानवाधिकार आयोग रिजवान अहमद ने तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच चेतना मंच कार्यालय का फीता काटकर चेतना मंच परिवार की खुशियों में चार चांद लगाया। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से ही आम जनता की समस्याएं अफसरों तक पहुंचती है और उनका निराकरण भी किया जाता है।
अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि समाचार पत्रों को निष्पक्ष और विश्वसनीय रहना बेहद जरूरी है क्योंकि समाचार पत्र औरा पाठक एक दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि खोजी पत्रकारिता के कारण ही देश के हाई प्रोफाइल वारदातों का खुलासा भी हुआ। श्री रिजवान अहमन ने चेतना मंच समाचार पत्र की दिनोदिन तरक्की की दुआएं भी की। लांचिंग के मौके पर मशहूर जादूगर राकेश श्रीवास्तव भी अपना कला दिखाने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने एडीजी से एक रद्दी कागज पर आग लगवाई और जब कागज पूरी तरह से जल गया तो डिब्बे से चेतना मंच अखबार निकला। जादूगर ने तालियों की गडग़ड़ाहट के बीच वाहवाही लूटी। जादू के माध्यम से
चेतना मंच की एचआर हेड सुश्री आभा वर्मा का दिमागी टेस्ट भी लिया गया लेकिन अफसोस कि वह इस टेस्ट में फेल हो गईं। प्रबंध निदेशक सर्वेश राय व मोहमद ताहिर ने मुख्य अतिथि को बुके भेंट किया।
संपादक राजेश श्रीनेत ने कहा कि लखनऊ में अभी तक मिड-डे अखबारों का चलन नहीं था। लेकिन पाठकों की सहूलियतों को देखते हुए एक प्रयास किया गया है उमीद है कि पाठकों को यह प्रयास पसंद आएगा। श्रीनेत ने कहा कि जिन पाठकों को कोई भी समस्या हो वह बेहिचक चेतना मंच के माध्यम से अपनी आवाज उठा सकता है। इस अवसर पर प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राम आसरे, काजी आसिफ, वरिष्ठ पत्रकार शिव सरन सिंह, एसपी सिंह, पंकज झा, उमेश पाठक, नासिर खान, नादिर वहाब, आसिफ जाफरी, जितेन्द्र त्रिपाठी, मनीष श्रीवास्तव, कलाम खान, विजय कुशवाहा, अलाउद्दीन खान, अभिनव पांडेय, डीआईजी के पीआरओ पीके श्रीवास्तव, चौकी प्रभारी विनोद सिंह,राशिद सगीर, मो तैय्यब, मोहमद इसराइल पिपरसा, संजय जंगवान, सदाकत एडवोकेट सहित चेतना मंच परिवार के सुश्री आभा वर्मा, अजेश गुप्ता, सुमईया राना गजल, सोमेश शुक्ल, मोहमद अतहर रज़ा, सगीर, तौकीर, बलराम सिंह, श्यामबाबू मिश्र, जीवन लाल, असमा खान, इरशाद, हनीफ व लड्डन आदि मौजूद थे।






