: मामला राजस्थान के चुरू जिले का : मीडियाकर्मियों ने रोष : हमलावरों के गिरफ्तारी की मांग : पूरे देश में मीडिया पर लगातार हमले हो रहे हैं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लगातार बाधित किया जा रहा है. ताजा मामला वरिष्ठ पत्रकार तथा कई मीडिया संस्थानों को अपनी सेवा दे चुके कुमार नरेंद्र सिंह के साथ जुड़ा है. कुमार नरेंद्र सिंह के साथ राजस्थान के चुरू जिले के सरदार शहर में कांग्रेस के पूर्व एमएलए के गुर्गों ने मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी. पूर्व विधायक के गुर्गे लोकस्वामी मैगजीन में प्रकाशित एक लेख से खफा थे. स्थानीय पुलिस ने भी कुमार नरेंद्र सिंह की मदद करने की बजाय पूर्व विधायक के गुर्गों की तरह व्यवहार करती रही.
जानकारी के अनुसार कुमार नरेंद्र सिंह चुरू के सरदार शहर में स्थापित एक यूनिवर्सिटी गांधी विद्या मंदिर में सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं. इसके अलावा वे दिल्ली बेस्ड लोकस्वामी समूह के पत्रिका लोकस्वामी के सलाहकार संपादक भी हैं. इस मैगजीन में सरदार शहर से कांग्रेस के पूर्व विधायक भंवर लाल शर्मा के बारे में एक स्टोरी प्रकाशित हुई थी. भंवर आपराधिक चरित्र का व्यक्ति है. उससे तथा उसके गुर्गों से पूरा शहर दहशत में रहता है. इस खबर के प्रकाशित होने के चलते पूर्व विधायक भंवर लाल के गुर्गे काफी नाराज थे.
बताया जा रहा है कि दर्जनों की संख्या में पूर्व विधायक के गुर्गे विद्या मंदिर के गेस्ट हाउस पहुंच गए तथा गेस्ट हाउस का दरवाजा तोड़कर कमरे में मौजूद कुमार नरेंद्र सिंह से मारपीट शुरू कर दी. इसके साथ ही वे कहते जा रहे थे कि बाहर से आकर बहुत बड़ा पत्रकार बन रहा है. ये ही लोकस्वामी का पत्रकार है. इसे और मारो. इसके अलावा उन्होंने धमकी भी दी कि अगर तू यहां से नहीं गया तो तेरी हत्या भी करा दी जाएगी. बाहर वालों को यहां टिकने नहीं दिया जाएगा. तेरी तथा तेरी पत्रकारिता दोनों का बुरा हश्र किया जाएगा.
इस अचानक हुए घटना से हतप्रभ कुमार नरेंद्र सिंह जब स्थानीय पुलिस थाने अपनी शिकायत लेकर कर पहुंचे तो पुलिस ने मामला दर्ज करने की बजाय टाल मटोल शुरू कर दी. पुलिस ने कहा कि अगर आप मामला दर्ज कराएंगे तो हम क्रास एफआईआर भी दर्ज करेंगे. इसके बाद पूर्व विधायक के गुर्गे भी थाने पहुंच गए तथा वहां भी धमकी देनी शुरू कर दी. साथ ही पुलिस से मिलकर कुमार नरेंद्र सिंह पर ही आरोप लगाने लगे. इस दौरान पुलिस का व्यवहार बिल्कुल विधायक के गुर्गो जैसा हो गया. पुलिस ने कुमार नरेंद्र सिंह की एफआईआर दर्ज करने की बजाय बस शिकायत लेकर रख लिया.
विधायक के गुर्गे इतने मनबढ़ थे कि थाने में भी उन्होंने कुमार नरेंद्र सिंह को जल्द से जल्द शहर छोड़कर भागने की धमकी दी तथा कहा कि भागा नहीं तो यहां से जिंदा नहीं जाएगा. इस घटना से चुरू समेत पूरे देश में कुमार नरेंद्र सिंह को जानने वाले पत्रकारों में रोष व्याप्त है. कुमार नरेंद्र सिंह को बाहरी मानते हुए स्थानीय पत्रकारों ने भी विधायक के गुर्गों की गुंडई का विरोध नहीं किया बल्कि पत्रकारिता को गिरवी रखकर पूर्व विधायक के गुर्गों की ही हां में हा मिलाते रहे. हालांकि कुमार नरेंद्र सिंह को जानने वाले देश के अन्य स्थानों के पत्रकार उन पर हुए हमले से नाराज हैं. ये लोग अपने अपने जिलों में इसका विरोध करने की रणनीति तैयार कर रहे है. जल्द ही विरोध के माध्यम से आरोपियों पर कार्रवाई करने का दबाव बनाने वाले हैं. दिल्ली के कुछ पत्रकार इस हमले के विरोध में कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी मिलेंगे तथा आरोपी पूर्व विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे.
