बनारस के पत्रकारों की प्रतिष्ठित संस्था काशी पत्रकार संघ का चुनाव विवादों में फंस गया है. वरिष्ठ पत्रकार श्रीकांत तिवारी ने सहायक रजिस्ट्रार के यहां शिकायत दर्ज कराते हुए संघ के चुनाव असंवैधानिक बताया है, जबकि संघ की तरफ से आपत्ति जताई गई है कि श्रीकांत तिवारी संघ के प्राथमिक सदस्य ही नहीं हैं तो उनके पास किसी प्रकार की शिकायत करने का अधिकार नहीं है.
काशी पत्रकार संघ का दोवर्षीय (2012-14) का चुनाव सितम्बर माह में ही हो चुके हैं, जिसमें कृष्ण देव नारायण राय अध्यक्ष, राजेंद्र रंगरप्पा महामंत्री तथा बृज बिहारी यादव कोषाध्यक्ष चुने जा चुके हैं. इसी चुनाव को असंवैधानिक बताते हुए श्रीकांत तिवारी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में रिट दायर की थी. हाई कोर्ट ने मामले को रजिस्ट्रार स्तर पर ही सुलझाने का निर्देश दिया, जिसके बाद तिवारी ने सहायक रजिस्ट्रार के यहां अपनी आपत्ति दर्ज करा दी.
श्रीकांत तिवारी ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए लिखा कि संघ की धारा 25 (2) के तहत दो साल से ज्यादा समय के बाद होने वाला चुनाव असंवैधानिक तथा कालातीत है. इसको संज्ञान में लेते हुए पत्रकार संघ की नई कमेटी को भंग किया जाए. इस आपत्ति को संज्ञान में लेते हुए सहायक रजिस्ट्रार अशोक त्रिपाठी ने सुनवाई के लिए 16 अक्टूबर का समय निर्धारित किया. दोनों पक्षों के लोग 16 अक्टूबर को सहायक रजिस्ट्रार के समक्ष अपना अपना पक्ष प्रस्तुत किया. इस मामले की अगली सुनवाई 7 नवम्बर को तय की गई है.
काशी पत्रकार संघ के लोगों ने सहायक रजिस्ट्रार के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है कि श्रीकांत त्रिपाठी पिछले तीन-चार सालों से काशी पत्रकार संघ के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं, लिहाजा उनके पास संघ के मामले में किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार नहीं है. काशी पत्रकार संघ की तरफ से कृष्ण देव नारायण राय, राजेंद्र रंगरप्पा, पूर्व अध्यक्ष योगेश गुप्ता, समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अजय मुखर्जी तथा अधिवक्ता विनोद सिंह तथा दूसरे पक्ष से श्रीकांत तिवारी तथा अधिवक्ता विनोद शंकर उपाध्याय ने अपना-अपना पक्ष रखा.