अमर उजाला फाउंडेशन ने वर्ष 2013 के लिए पत्रकारिता फैलोशिप प्रदान करने की घोषणा कर दी है। पर्यावरणविद अनुपम मिश्र की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय निर्णायक मंडल ने इसका चयन किया। गाजियाबाद के विवेक मिश्र को अमर उजाला फाउंडेशन की राष्ट्रीय फैलोशिप के लिए घाघरा की तबाही और विस्थापितों का दर्द विषय मिला। गुड़गांव के नवीन पंचाल को अरावली पर्वत श्रृंखला में खनन व पेड़ों की कटान से पैदा हुई समस्याओं के उपर काम करने को मिला। जबकि चंडीगढ़ के सुरेंद्र बांसल को शिक्षा का नवाचार विषयों पर काम करने के लिए चुना गया है।
सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर काम करने के लिए हिन्दी के पत्रकारों को प्रेरित करने के उद्देश्य से यह फैलोशिप योजना शुरू की गई है। उल्लेखनीय है कि इसी क्रम में अमर उजाला में काम कर रहे पत्रकारों के लिए भी फैलोशिप शुरू हुई है। इसके तहत इस वर्ष के लिए निर्णायक मंडल ने राजीव गुप्ता (सीतापुर) को गन्ना सूचना प्रणाली पर, अंतिमा सिंह (नोएडा) को खाप पंचायतों और जर्नादन सिंह (बरेली) को सोशल मीडिया पर काम करने के लिए चुना गया है।
अमर उजाला पत्र समूह ने अपने सामाजिक सरोकारों को मजबूती देने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन के माध्यम से जमीनी काम करने की हाल ही में शुरुआत की है। इसके संरक्षकों में विश्व विख्यात भौतिक विज्ञानी व शिक्षाविद प्रो. यशपाल भी शामिल हैं। (अमर उजाला)






