: कोर्ट में दी अर्जी : सुभाष चंद्रा को तीसरी बार नोटिस जारी : कोल ब्लाक आवंटन घोटाले में कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल से संबंधित खबर प्रसारित न करने के लिए सौ करोड़ रुपये मागने के आरोपी जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. इन दोनों संपादकों को दिल्ली पुलिस दोबारा रिमांड पर लेना चाहती है. पुलिस ने साकेत कोर्ट में अर्जी दायर कर दोनों को फिर से पूछताछ के लिए एक दिन की रिमांड पर देने की अपील की है. इस मामले पर कल सुनवाई होगी.
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को अदालत में रिमांड की अर्जी दायर कि तथा अपील की कि सौ करोड़ रुपये मांगने के मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता को लेकर आरोपी दोनों संपादक सुधीर चौधरी और समीर आहलूवालिया से पूछताछ जरूरी है. साथ इन दोनों को जी समूह के मालिक-चेयरमैन सुभाष चंद्रा के सामने बैठाकर पूछताछ करनी है. इसके लिए इन दोनों की रिमांड जरूरी है. गौरतलब है कि पुलिस ने 27 नवम्बर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था.
पुलिस ने नवीन जिंदल की कंपनी की शिकायत पर 2 अक्टूबर को मामला दर्ज किया था. सुधीर चौधरी एवं समीर आहलूवालिया के अलावा सुभाष चंद्रा तथा उनके पुत्र का नाम भी एफआईआर में दर्ज था, परन्तु पुलिस ने अभी तक सिर्फ दोनों संपादकों को ही गिरफ्तार किया है. कांग्रेसी सांसद नवीन जिंदल की कंपनी जेएसपीएल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस हेड समीर अहलूवालिया ने कोल आवंटन से संबंधित खबरें नहीं दिखाने के लिए बतौर विज्ञापन सौ करोड़ रुपये की मांग की. रुपये देने से इंकार करने पर कंपनी के खिलाफ दुर्भावना से प्रेरित होकर कई खबरें प्रसारित की तथा साजिश रचकर वसूली करने की कोशिश की.
इस मामले में क्राइम ब्रांच अब तक जी समूह के मालिक सुभाष चंद्रा से पूछताछ नहीं कर पाई है. इस मामले में क्राइम ब्रांच ने तीसरी बार चेयरमैन सुभाष चंद्रा एवं प्रबंधन निदेशक पुनीत गोयनका को नोटिस जारी किया है. पुलिस ने दोनों को ई मेल भेजकर जांच में सहयोग करने को कहा है. आठ दिसम्बर को पुलिस के समक्ष पेश होकर पक्ष रखने को कहा गया है. सुभाष चंद्रा ने पत्र लिखकर पुलिस को सहयोग देने की बात कही थी. फिलहाल वे विदेश में हैं. उनके आने के बाद ही पुलिस उनसे पूछताछ कर सकेगी.






