जी समूह के दो संपादकों को दिल्ली की एक अदालत ने दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. अब जांच अधिकारी मामले में सबूत जुटाने के लिए उनको जी समूह के प्रमुख सुभाष चंद्रा और उनके बेटे से रुबरु करा सकेंगे. मेट्रोपोटिलन मजिस्ट्रेट अंकित सिंगला ने आदेश दिया, ‘दो दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया जाता है.’ अदालत ने कहा, ‘मौजूदा मामले में सत्र अदालत ने अन्य दो आरोपियों ‘चंद्रा और गोयनका’ को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया है.अगर जांच एजेंसी को सभी चार आरोपियों के बयानों को एक दूसरे के सामने लाने का मौका नहीं दिया जाता तो सबूत इकट्ठे नहीं किये जा सकते क्योंकि आपराधिक साजिश के आरोप हैं.’
अदालत ने जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया को सोमवार तक के लिए हिरासत में पूछताछ के लिहाज से भेजते हुए कहा, ‘जांच एजेंसी को सबूत इकट्ठा करने के मौके से वंचित नहीं किया जा सकता.’ अदालत ने जी के संपादकों की इस दलील को खारिज कर दिया कि उन्हें हिरासत में पूछताछ के लिए भेजने से कोई मकसद हल नहीं होगा क्योंकि उन्होंने न्यायिक हिरासत के तहत तिहाड़ भेजे जाने से पहले दो दिन तक पुलिस हिरासत में जांच में सहयोग दिया था.
हालांकि अदालत ने कहा कि अगर अभियोजन पक्ष आगे पुलिस हिरासत की जरूरत के लिहाज से परिस्थिति दर्शाता है तो महज यह तथ्य पुलिस हिरासत से मना करने का कारण नहीं हो सकता कि पहले ही दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा जा चुका है. (सहारा)
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