पुणे स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम अब ‘सुब्रत राय सहारा स्टेडियम’ के नाम से नहीं जाना जाएगा, क्योंकि सहारा ग्रुप ने महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमसीए) के साथ विवाद के चलते नाम हटाने का फैसला किया है। सहारा ने स्टेडियम से संबंधित कुछ समझौतों के उल्लंघन के कारण एमसीए के खिलाफ मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उसे स्टेडियम का नाम काले कपड़े से ढंकने के एमसीए के फैसले के खिलाफ अंतरिम राहत भी मिली थी।
सहारा के सूत्रों ने कहा, सहारा ने आगे इस स्टेडियम के लिए सुब्रत राय सहारा स्टेडियम नाम का उपयोग नहीं करने का फैसला किया है और वह दोनों पक्षों के बीच नामकरण अधिकार संबंधी करार के शर्तों के अनुसार नए वैकल्पिक नाम का प्रस्ताव करेगा। एमसीए ने पुणे एक्सप्रेस वे के करीब बनाए गए स्टेडियम के अधिग्रहण, नामकरण और कुछ अधीनस्थ अधिकारों के लिए प्रस्ताव मंगाए थे। इनमें निर्माण का अधिकार और स्टेडियम के करीब स्थित जमीन पर क्लब का स्वामित्व भी शामिल था। सहारा ने स्टेडियम और क्लब से संबंधित इन अधिकारों में दिलचस्पी दिखाई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ।
नामकरण अधिकार करार भी किया गया, जिसमें एमसीए ने सहारा को स्टेडियम का नाम रखने का विशेष अधिकार दिया, जिसने इसका नाम सुब्रत राय सहारा स्टेडियम रखा, लेकिन पिछले साल आईपीएल के पहले मैच के बाद सहारा को एमसीए से पत्र मिला, जिसमें उसने समझौता रद्द करने की इच्छा जताई थी। सहारा के सूत्रों ने कहा कि मैच से पहले के समारोह में एमसीए को श्रेय नहीं दिए जाने के कारण उन्होंने यह पत्र भेजा था। (भाषा)






