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हिंदुस्‍तान विज्ञापन घोटाला : पुलिस सभी विभागों से मांगेगी विस्‍तृत ब्‍योरा

मुंगेर। पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति माननीय अंजना प्रकाश के 17 दिसंबर, 12 के ऐतिहासिक आदेश के बाद विश्वस्तरीय 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा के अनुसंधान में मुंगेर पुलिस ने अब पुलिस अधीक्षक पी कन्नन के नेतृत्व में पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस को तीन महीने में ही जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़ा में सरकारी राजस्व की वास्तविक राशि के लूट के आंकलन की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस जल्द ही मुंगेर जिले में स्थित सभी सरकारी विभागों से इस संबंध में विस्तृत ब्योरा मांगेगी।

मुंगेर। पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति माननीय अंजना प्रकाश के 17 दिसंबर, 12 के ऐतिहासिक आदेश के बाद विश्वस्तरीय 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान सरकारी विज्ञापन फर्जीवाड़ा के अनुसंधान में मुंगेर पुलिस ने अब पुलिस अधीक्षक पी कन्नन के नेतृत्व में पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। कोर्ट ने पुलिस को तीन महीने में ही जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़ा में सरकारी राजस्व की वास्तविक राशि के लूट के आंकलन की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस जल्द ही मुंगेर जिले में स्थित सभी सरकारी विभागों से इस संबंध में विस्तृत ब्योरा मांगेगी।

इस बीच, कोतवाली कांड संख्या-445/2011 के सूचक मन्टू शर्मा ने पुलिस अधीक्षक पी कन्नन को लिखित रूप में सूचित किया है कि दैनिक हिन्दुस्तान ने वर्ष 2001 के जनवरी माह से अबतक मुंगेर जिले में स्थित 26 राज्य और केन्द्र सरकारों के विभागों से अवैध ढंग से सरकारी विज्ञापन प्राप्त किया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक, मुंगेर से वर्णित सभी 26 सरकारी विभागों के प्रमुखों से वर्ष 2001 के जनवरी माह से अबतक दैनिक हिन्दुस्तान को प्रकाशन हेतु भेजे गए विज्ञापन और विज्ञापन प्रकाशन से विज्ञापन विपत्र भुगतान तक के समस्त दस्तावेजों का ब्योरा मांगने का अनुरोध किया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को समर्पित पत्र में स्पष्ट किया है कि मुंगेर पुलिस वर्णित 26 सरकारी विभागों से दैनिक हिन्दुस्तान में प्रकाशित विज्ञापनों के विपत्रों के भुगतान से जुड़े दस्तावेजों को प्राप्त कर आंकलन कर सकती है कि मुंगेर जिले के सरकारी विभागों से दैनिक हिन्दुस्तान में वर्ष 2001 के जनवरी माह से अबतक कितने करोड़ रुपए का सरकारी विज्ञापन अवैध ढंग से वास्तव में प्रकाशित किया गया?
 
सूचक मन्टू शर्मा ने पुलिस अधीक्षक से सरकारी विभागों के प्रमुख से (1) विज्ञापन के निर्गत-आदेश की प्रति, (2) प्रकाशित विज्ञापन की प्रति, (3) प्रकाशित विज्ञापन के विरुद्ध दैनिक हिन्दुस्तान के द्वारा समर्पित विज्ञापन-विपत्र की प्रति, (4) प्रकाशित विज्ञापन के विरूद्ध पारित ‘भुगतान-आदेश‘ की प्रति और (5) अखबार को भुगतान किए गए चेक या ड्राफ्ट का नम्बर और भुगतान की गई राशि का ब्योरा मांगने का अनुरोध किया गया है।

विभागों के नाम जिनसे प्रकाशित विज्ञापनों का ब्योरा मांगा जाना है : (1) बिहार शिक्षा परियोजना, मुंगेर, (2) निदेशक, डीआरडीए, मुंगेर, (3) जिला प्रबंधक, जिला स्वास्थ्य समिति, मुंगेर, (4) सिविल सर्जन कार्यालय, मुंगेर, (5) मेयर, मुंगेर नगर निगम, मुंगेर, (6) अध्यक्ष, जमालपुर नगर परिषद, जमालपुर, (7) जिला उप-विकास आयुक्त कार्यालय, मुंगेर, (8) जिला साक्षरता समिति, मुंगेर, (9) कृषि बाजार समिति, सफियाबाद, मुंगेर, (10) आत्मा, मुंगेर, (11) जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय, मुंगेर, (12) संयोजक, जिला अंधापन निवारण समिति, मुंगेर, (13) संयोजक, जिला कुष्ठ निवारण समिति, मुंगेर, (14) प्राचार्य, केन्द्रीय विद्यालय, जमालपुर, (15) कार्यपालक अभियंता, आरईओ, मुंगेर, (16) कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग, मुंगेर, (17) कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग, मुंगेर, (18) कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी, मुंगेर, (19) अधीक्षण अभियंता, पीएचईडी, मुंगेर, (20) जिला पशुपालन पदाधिकारी, मुंगेर, (21) जिला शिक्षा पदाधिकारी, मुंगेर, (22) टीडीएम, बीएसएनएल, मुंगेर, (23) जिला प्रबंधक, एफसीआई, मुंगेर, (24) सहायक निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, मुंगेर, (25) जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, मुंगेर, (26) कार्यपालक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मुंगेर।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में इस कांड में अनुसंधान को निर्धारित अवधि में पूरा करने के लिए मुंगेर पुलिस को तुरंत दैनिक हिन्दुस्तान को अवैध ढंग से वर्ष 2001 के जनवरी माह से अबतक निर्गत सरकारी विज्ञापन और विज्ञापन मद में किए गए वास्तवित भुगतान के ब्योरा को एकत्रित करने की जरूरत महसूस की गई है।

सूचक मन्टू शर्मा ने अभियुक्त अमित चोपड़ा के कंपनी से अलग होने की जानकारी एसपी को दी : अजय कुमार जैन नए प्रकाशक और मुद्रक बने : विश्वस्तरीय 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाले से जुड़ी दो याचिकाओं में 17 दिसंबर, 12 को पटना उच्च न्यायालय के ऐतिहासिक आदेश आनेके बाद मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, नई दिल्ली के प्रबंधन में बेचैनी बढ़ गई है। मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड के प्रबंधन ने अचानक कोतवाली, मुंगेर कांड संख्या-445/2011 के नामजद अभियुक्त प्रकाशक और मुद्रक अमित चोपड़ा को अब विधिवत कंपनी से अलग कर दिया है। वर्ष 2013 में प्रथम सप्ताह में मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड के नए प्रकाशक और मुद्रक अजय कुमार जैन बनाए गए हैं। दैनिक हिन्दुस्तान के मुंगेर संस्करण में अंतिम पृष्ठ पर प्रिंट लाइन में अब मुद्रक और प्रकाशक के रूप में अजय कुमार जैन का नाम छपना शुरू हो गया है। यूं प्रकाशक और मुद्रक अमित चोपड़ा के कंपनी से अलग होने की खबर पटना उच्च न्यायालय के आदेश आने के बाद से ही उड़ रही थी।
 
200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान विज्ञापन घोटाले के नामजद अभियुक्त शोभना भरतिया (अध्यक्ष, मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड) के द्वारा कोतवाली मुंगेर कांड संख्या-445/2011 के नामजद अभियुक्त मुद्रक और प्रकाशक अमित चोपड़ा को कंपनी से अलग करने से संबंधित जानकारी कांड के सूचक मन्टू शर्मा ने मुंगेर के पुलिस अधीक्षक पी कन्नन को मिलकर दे दी है। श्री शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को यह भी सूचित किया है कि अभियुक्त शोभना भरतिया ने इस कांड के अन्य अभियुक्त अकु श्रीवास्ताव को पटना से हटाकर नई दिल्ली स्थित अपने अन्य कार्यालय में पदस्थापित कर दिया है।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद शोभना, अमित चोपड़ा, शशिशेखर और अन्य के गर्दन पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी : पटना उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति माननीय अंजना प्रकाश ने अपने 17 दिसंबर के ऐतिहासिक फैसले में मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445/2011 के अनुसंधान में इस अवस्था में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया। माननीय न्यायमूर्ति ने इस कांड के सभी नामजद अभियुक्तों के एफआईआर रद्द करने वाले सभी आवेदनों पर भी संज्ञान लेने से साफ इनकार कर दिया। इस ऐतिहासिक आदेश में माननीय न्यायमूर्ति ने मुंगेर पुलिस को दैनिक हिन्दुस्तान के 200 करोड़ के सरकारी विज्ञापन घोटाला में अनुसंधान तेज करने और इस आदेश की प्राप्ति के तीन माह के अन्दर पुलिस अनुसंधान पूरा करने का भी आदेश निर्गत कर दिया। न्यायालय ने इस आदेश की प्रति फैक्स से मुंगेर के पुलिस अधीक्षक को भेजने का भी आदेश दिया।
 
पटना उच्च न्यायालय के 17 दिसंबर के इस फैसले के बाद मुंगेर कोतवाली कांड संख्या-445/2011 के नामजद अभियुक्त श्रीमती शोभना भरतिया (अध्यक्ष, मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, नई दिल्ली), अमित चोपड़ा (पूर्व प्रकाशक, मेसर्स हिन्दुस्तान मीडिया वेन्चर्स लिमिटेड, नई दिल्ली), शशि शेखर (प्रधान संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, नई दिल्ली), अवध कुमार श्रीवास्तव उर्फ अकु श्रीवास्तव (संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, पटना संस्करण, पटना) और बिनोद बंधु (स्थानीय संपादक, दैनिक हिन्दुस्तान, भागलपुर संस्करण, भागलपुर) के गर्दन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। बिहार पुलिस अब नामजद अभियुक्तों को किसी भी क्षण गिरफ्तार कर सकती है। सभी नामजद अभियुक्त भारतीय दंड संहिता की धाराएं 420/471 और 476 और प्रेस एण्ड रजिस्ट्रेशन आफ बुक्स एक्ट, 1867 की धाराएं 8 (बी),14 और 15 के अन्तर्गत आरोपित हैं।
 
पटना उच्च न्यायालय ने पूर्व के अपने आदेशों में अंतिम आदेश आने तक सभी नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। अब पटना उच्च न्यायालय के अंतिम आदेश आ जाने के बाद अभियुक्तों के विरुद्ध कानूनी काररवाई पर लगी रोक स्वतः समाप्त हो गई है। सभी नामजद अभियुक्तों पर आरोप है कि उनलोगों ने केन्द्र और राज्य सरकारों के सरकारी विज्ञापनों को पाने के लिए बिना निबंधनवाले दैनिक हिन्दुस्तान अखबार को सरकार के समक्ष निबंधित अखबार के रूप में पेश किया और जालसाजी और धोखाधड़ी करके लगभग 200 करोड़ का सरकारी विज्ञापन विगत 10 वर्षों में अवैध ढंग से प्राप्त कर सरकरी राजस्व की लूट मचा दी। इस बीच, मुंगेर के पुलिस उपाधीक्षक एके पंचालर और पुलिस अधीक्षक पी कन्नन ने अपनी पर्यवेक्षण-टिप्पणियों में सभी नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोपों को दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर ‘‘प्रथम दृष्टया सत्य‘‘ घोषित कर दिया है।

अभियुक्तों की गिरफ्तारी और आरोप पत्र समर्पित होने की कार्रवाई बच गई है : पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में मुंगेर पुलिस को अब नामजद अभियुक्तों के साथ-साथ अप्राथमिक अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने और इस कांड में न्यायालय में आरोप-पत्र समर्पित करने की कार्रवाई मात्र बच गई है। पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में इस कांड में मुंगेर पुलिस को पटना उच्च न्यायालय के आदेश की प्राप्ति की तिथि से तीन माह के अन्दर पुलिस अनुसंधान हर हालत में पूरा कर लेना है।

मुंगेर से श्रीकृष्‍ण प्रसाद की रिपोर्ट. इनसे संपर्क मोबाइल नं. -09470400813 के जरिए किया जा सकता है.


हिंदुस्‍तान के इस विज्ञापन घोटाले के बारे में अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें – हिंदुस्‍तान का विज्ञापन घोटाला

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