न्यूज़ 11 के प्रधान संपादक गुंजन सिन्हा ने चैनल को अलविदा कह दिया है. न्यूज़ 11 के साथ गुंजन सिन्हा की यह दूसरी पारी थी. दोनों बार अप्रिय स्थिति में गुंजन सिन्हा ने चैनल का साथ छोड़ा है. हालाँकि अंदरखाने की ख़बरों के अनुसार गुंजन सिन्हा ने चैनल के कर्ता- धर्ता अरूप चटर्जी के द्वारा धमकी दिए जाने के बाद यह कदम उठाया है. गुंजन सिन्हा ने अरूप द्वारा दिए गए धमकी को गंभीरता से लिया और फेसबुक पर अपना दर्द भी बयां किया. गुंजन सिन्हा यहीं नहीं रुके बल्कि न्यूज़ 11 और अरूप की नन बैंकिंग कंपनी केयर विजन की पोल पट्टी खोलनी शुरू कर दी.
अपने फेसबुक वाल पर गुंजन सिन्हा ने लिखा कि झारखण्ड में एक और घोटाला हो रहा है जो कि संजीवनी बिल्डकान घोटाले की ही तरह है. ज्ञात हो कि संजीवनी बिल्डकान नाम की एक कंपनी द्वारा रांची के लोगों से फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी की गयी है और इस मामले में बिल्डकान कंपनी के मालिक जेल में हैं. हालाँकि गुंजन सिन्हा ने किसी का नाम लिए बगैर यह बातें लिखी है परन्तु सभी जानते हैं कि अरूप केयर विजन द्वारा उगाहे गए पैसों से धनबाद में रियल स्टेट कारोबार डेवलप करने के फ़िराक में हैं. इशारों इशारों में गुंजन सिन्हा ने अरूप को मीडिया माफिया तक कह दिया है. और तो और इस बात पर भी सवाल उठाये हैं कि जिस आदमी का पचास हज़ार का चेक बाउंस हो जाता है उसे नन बैंकिंग का लायसेंस कैसे मिल जाता है?
रांची में एक महिला के साथ हुए बलात्कार की घटना के बाद रांची पुलिस द्वारा एक्शन नहीं लेने से परेशान गुंजन सिन्हा जब अपने चैनल में इस बात की खबर बनाना चाहते हैं तो उनको रोका जाता है. इस बात से दुखी होकर गुंजन सिन्हा ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा कि जन चैनल डीजीपी की स्तुति गान करेगा तो मीडिया संस्थान कैसा चलेगा? गौरतलब है कि गुंजन सिन्हा बिहार-झारखंड के जाने माने और तेजतर्रार पत्रकारों में गिने जाते हैं. गुंजन ईटीवी, मौर्य, आर्यन, आज, टाइम्स आफ इंडिया समेत कई संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे हैं. गुंजन सिन्हा ने भड़ास से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि की. आइए अब आप भी देखें गुंजन सिन्हा के फेसबुक का स्क्रीन शॉट.