क्‍या न्‍यूज24 जाएंगे राणा यशवंत?

महुआ समूह के चेयरमैन पीके तिवारी और उनके पुत्र की गिरफ्तारी के बाद महुआ न्यूज़ लाइन यूपी चैनल पर ताला लग गया है। चैनल के पूरे स्टाफ को दो माह से वेतन नही दिया गया है। ब्यूरो चलाने वाले सभी स्टाफ रिर्पोटर सैलरी के अलावा पिछले तीन माह के बकाया ऑफिस खर्च को लेकर भी परेशान हैं। सभी ब्यूरो कार्यालय किराये की जगहों पर चल रहे थे और किराया ना मिलने से सभी ब्यूरो प्रमुखों के सामने एक नई दिक्कत और खड़ी हो गयी है। महुआ न्यूज़ यूपी में कुछ ब्यूरो प्रमुख तो ऐसे हैं जो अच्छे मीडिया संस्थानों को छोड़कर राणा यशवंत के कहने पर यहां आये थे। हालात ये हैं कि जब कोई ब्यूरो चीफ असाइनमेंट हैड़ या ग्रुप एडिटर राणा यशवंत से बात करने की कोशिश कर रहा है तो वो फोन तक पिक नही कर रहे हैं।

 
खबर है कि अब खुद महुआ के दोनों खबरिया चैनलों की कमान सम्भालने वाले राणा यशवंत ने भी न्यूज़24 में जाने की तैयारी कर ली है। पिछले तीन दिनों से वो खुद रमा सोंलकी के साथ न्यूज़24 प्रबंधन के संपर्क मे हैं। ख़बर है कि वो जल्द ही न्यूज़24 में बड़े पद पर दिखाई देंगे। न्यूज़24 में चर्चा है कि वो सुप्रिया प्रसाद की जगह लेंगे। हालांकि महुआ न्‍यूज लाइन बंद करने से पहले प्रबंधन ने कैमरा यूनिट वापस पाने के लिए कई कवायद किए पर सफलता नहीं मिल पाई। 
 
सभी ब्‍यूरो को एचआर की तरफ से फोन करके गुरुवार को एक झूठी कहानी सुनाई गई, जिसमें कहा गया कि आप सबकी यूनिट को एचडी में तब्दील किया जा रहा है। नये कैमरे आपके लिये लाये गये हैं। आप शनिवार को आइये और नये कैमरे लेकर जाइये। जबकि ऑफिस में कोई नये कैमरे नही आये हैं। उसके कुछ देर बाद में महुआ एचआर से सभी ब्यूरो को फोन किया गया कि आप लोग पहले कार्यालय आकर अपना कैमरा यूनिट जमा किजीये और रात को यहीं रुकिये रविवार को राणा यशवंत आपके साथ बैठक करेंगे। इस बात से महुआ न्यूज़ यूपी के सारे ब्यूरो सर्तक हो गये। और सबको समझते देर नही लगी कि झूठ बोलकर सभी को नोएड़ा बुलाने के लिये ये कहानी गढी गई है। जिसका मकसद केवल कैमरा यूनिट वापस लेकर सभी को नमस्ते कर देना था। पर सारी कोशिशें बेकार गई। कोई ब्‍यूरो नहीं पहुंचा। 
 
दूसरी तरफ ख़बर आ रही है कि राणा यशवंत एक अगस्त से नौ अगस्त के बीच कभी भी न्यूज़24 ज्वाइन कर लेंगे। उन्होने अपनी सारी औपचारिकताऐं भी पूरी कर ली हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या उन लोगों के सामने खड़ी हो गयी हैं जो यहां पूरी मेहनत से काम कर रहे थे। यही हाल सारे स्ट्रिंगर्स का है। पिछले कई माह से काम करने के बावजूद किसी भी उन्‍हें एक माह से ज़्यादा का पैसा नही दिया गया है। सभी परेशान हैं कि आखिर क्या किया जाये। कुछ लोगों ने पीके तिवारी के दूसरे पुत्र और उनकी पत्नी से सम्पर्क साधने की कोशिश की लेकिन उनकी किसी से वार्ता नही हो सकी। चर्चा शुरु हो गयी है कि महुआ न्यूज़ लाइन का हाल वॉयस ऑफ इंडिया चैनल जैसा होगा। क्योंकि इस समूह को सम्भालाने वाले पीके तिवारी की ज़मानत पर भी संशय बना हुआ है। ऐसे में कम्पनी स्टाफ का भुगतान कैसे करेगी। इसी सवाल से परेशान स्टाफ अब अपने लिये दूसरी जगह काम तलाशने की कोशिश में जुटता दिख रहा है। वहीं राणा यशवंत से संपर्करने की कोशिश की गई परन्‍तु उन्‍होंने फोन पिक नहीं किया, जिससे किसी मामले पर राणा यशवंत या महुआ का पक्ष नहीं लिया जा सका। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *