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31 मार्च को जागरण को अलविदा कह देंगे सीकेटी!

: बरेली में मेयर का चुनाव लड़ने की तैयारियों की चर्चा : दैनिक जागरण के चर्चित लोगों में एक चंद्रक्रांत त्रिपाठी उर्फ सीकेटी के बारे चर्चा है कि अब उनका मन जागरण से भर गया है. गोरखपुर में यह खबर एक दूसरे से होते तमाम लोगों तक पहुंच रही है कि सीकेटी 31 मार्च को जागरण को अलविदा कहने जा रहे हैं. बरेली में दो दशक से ज्‍यादा समय तक जागरण पर एकछत्र राज करने वाले सीकेटी को पिछले साल प्रबंधन ने गोरखपुर भेज दिया था. कहा जा रहा है कि जागरण को अलविदा कहने की जानकारी उन्‍होंने अपने खास लोगों को दे दी है.

: बरेली में मेयर का चुनाव लड़ने की तैयारियों की चर्चा : दैनिक जागरण के चर्चित लोगों में एक चंद्रक्रांत त्रिपाठी उर्फ सीकेटी के बारे चर्चा है कि अब उनका मन जागरण से भर गया है. गोरखपुर में यह खबर एक दूसरे से होते तमाम लोगों तक पहुंच रही है कि सीकेटी 31 मार्च को जागरण को अलविदा कहने जा रहे हैं. बरेली में दो दशक से ज्‍यादा समय तक जागरण पर एकछत्र राज करने वाले सीकेटी को पिछले साल प्रबंधन ने गोरखपुर भेज दिया था. कहा जा रहा है कि जागरण को अलविदा कहने की जानकारी उन्‍होंने अपने खास लोगों को दे दी है.

माना जा रहा है कि शुरू से ही राजनीति में आने की महात्‍वाकांक्षा रखने वाले सीकेटी जल्‍द ही बरेली में मेयर का चुनाव लड़ सकते हैं. अपनी इसी रणनीति और तैयारियों के लिए वे जागरण को खुद अलविदा कहने जा रहे हैं. हालां‍कि जब उनका तबादला बरेली से गोरखपुर किया गया था तब कहा गया था कि प्रबंधन एक तीर से दो शिकार करने की रणनीति अपनाई है. गोरखपुर में एकछत्र राज करने वाले शैलेंद्र मणि त्रिपाठी यानी एसएमटी को सीकेटी के सहारे हटाने की योजना है. बाद में यह बात साबित भी हो गई. पचीस सालों से जागरण से जुड़े एसएमटी की विदाई सीकेटी के जाने के बाद हो गई थी. साथ ही प्रबंधन बरेली से भी सीकेटी का राज समाप्‍त करना चाहता था. वह दोनों मोर्चों पर सफल रहा.

जल्‍द ही राज्‍य में नगर निकायों के चुनाव होने वाले हैं. कहा जा रहा है कि सीकेटी अपनी राजनीतिक महात्‍वकांक्षा को अब ज्‍यादा समय तक रोक कर नहीं रखना चाहते. इसीलिए वे इस महीने के आखिर में जागरण को अलविदा कहकर फिर से बरेली में सक्रिय होंगे. बरेली में सीकेटी 1989 में जागरण से जुड़े थे तब से गोरखपुर भेजे जाने से पहले तक यहीं पर अपनी जमीन तैयार की है. इसी क्रम में वे गोरखपुर तबादला होने के बाद भी बरेली में रोटरी क्‍लब के माध्‍यम से अपनी तैयारी शुरू कर दी थी. कहा जा रहा है कि सीकेटी बीजेपी से टिकट पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. अब देखना है कि उनके रिटायरमेंट की बात में कितनी सच्‍चाई है. हालांकि सीकेटी से वास्‍तविकता जानने के लिए फोन किया गया परन्‍तु उन्‍होंने कॉल पिक नहीं किया.  

 

 
 

 
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