दैनिक जागरण के पत्रकारों की नौकरी सुबह है तो शाम को नहीं। किसी पत्रकार को पता नहीं कि किसका पत्ता कब कटने वाला है। कर्मचारियों को बाहर करने के लिए प्रबंधन नित नए फार्मूले अपना रहा है। इस बार जमशेदपुर दैनिक जागरण से छंटनी करते हुए प्रमोद कुमार की बली ले ली गई है। पहले प्रमोद का सिलिगुड़ी ट्रांसफर किया गया था, लेकिन बाद में प्रमोद की सिलिगुड़ी में ज्वाइनिंग लेने से इनकार कर दिया गया। जब सिलिगुड़ी ने ज्वाइनिंग नहीं ली तो प्रमोद ने वापस जमशेदपुर में दरवाजा खटखटाया, लेकिन यहां उन्हें दो टुक जवाब मिला कि आपके सभी कागजात सिलिगुड़ी चले गए हैं अब आप वहीं संपर्क करें, हम कुछ नहीं कर सकते।






