भूटान जाने वाले यूपी के 56 पत्रकारों ने की सीएम से मुलाकात

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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पड़ोसी देशों, विशेष रूप से हिमालय क्षेत्र के देशों से बेहतर और मजबूत सम्बन्ध बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि हम अपना मित्र बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी देश नहीं। इसलिए हर स्तर पर पड़ोसी देशों से अच्छे रिश्ते बनाने का प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार और पत्रकारिता से लोकतंत्र को मजबूती मिली है। उन्होंने पत्रकारों को हर सम्भव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।

मुख्यमंत्री गुरुवार को अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार यूनियन (आई.एफ.डब्ल्यू.जे.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार श्री के. विक्रम राव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के पत्रकारों के एक डेलीगेशन से मुलाकात कर रहे थे। राष्ट्रीय स्तर पर 105 सदस्यों का यह डेलीगेशन एक सप्ताह के लिए सद्भावना मिशन पर भूटान देश की यात्रा पर जा रहा है, जिसमें 56 पत्रकार उत्तर प्रदेश से
शामिल हैं। उन्होंने आई.एफ.डब्ल्यू.जे. के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की यात्राओं का आयोजन अन्य देशों के लिए भी किया जाना चाहिए। इससे दोतरफा संवाद, सद्भाव एवं एक-दूसरे को जानने एवं समझने का मौका मिलता है। इस मौके पर उन्होंने उ0प्र0 श्रमजीवी पत्रकार यूनियन द्वारा प्रकाशित मीडिया डायरेक्ट्री का विमोचन भी किया।

पड़ोसी देश भूटान के नागरिकों में खुशहाली के स्तर की चर्चा करते हुए श्री यादव ने कहा कि खुशहाली के इंडेक्स में भूटान राष्ट्र दुनिया में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से भूटान की स्थानीय संस्कृति, खान-पान, रीति-रिवाज एवं भौगोलिक क्षेत्रों की जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि वापस लौटने पर डेलीगेशन के सदस्यों से उत्तर प्रदेश के परिप्रेक्ष्य में भूटान में हो रहे विकास कार्यों की तुलनात्मक जानकारी भी प्राप्त होगी। भूटान द्वारा बड़े पैमाने पर उत्पादित की जा रही विद्वुत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को अतिरिक्त विद्युत की आपूर्ति करके भूटान अपनी आर्थिक स्थिति सुधार रहा है। उन्होंने पड़ोसी देश नेपाल में जल विद्युत उत्पादन की अपार सम्भावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि नेपाल भी भूटान की तरह विद्युत उत्पादन का निर्यात कर सकता है।

श्री यादव ने देश की सीमाओं, मुख्य रूप से चीन से लगने वाली सीमा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे देश की सीमाएं काफी असुरक्षित हैं। उन्होंने जर्मनी का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे कई देशों की सीमाएं मिलती हैं, लेकिन यह देश इतना ताकतवर है कि किसी देश को इसकी सीमा का अतिक्रमण करने की हिम्मत नहीं पड़ती। जबकि हमारे देश से लगी चीन की सीमा से कई बार लोग आकर सुरक्षित वापस भी चले जाते हैं और हमें पता भी नहीं चलता। इसीलिए आदरणीय नेताजी चीन से सर्वाधिक खतरे की बात करते हैं। उन्होंने पड़ोसी देशों से बेहतर सम्बन्ध बनाने पर बल देते हुए कहा कि यूरोपियन देशों ने अपनी आर्थिक एवं सामाजिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक संगठन बनाया और उसका लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

इस अवसर पर के. विक्रम राव ने भूटान जाने वाले सद्भावना मिशन के उद्देश्यों की चर्चा करते हुए कहा कि डा. राम मनोहर लोहिया की हिमालय पालिसी आज के दौर में भी तर्क संगत एवं सामयिक है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की यात्रा पड़ोसी देश बर्मा, बांग्लादेश एवं श्रीलंका के लिए भी आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में सार्क देशों के पत्रकारों का एक सम्मेलन आयोजित करने की सम्भावना पर भी विचार किया जा रहा है।  

इससे पूर्व यू.पी. वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने अपने सम्बोधन में राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना की और आशा व्यक्त की कि आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रमों में सहयोग मिलता रहेगा। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार, निदेशक सूचना प्रभात मित्तल, उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी, सचिव सिद्धार्थ कलहंस सहित श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के पदाधिकारी एवं विभिन्न जनपदों से डेलीगेशन में जाने वाले सदस्य उपस्थित थे।

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