आगरा का सांसद पत्रकारों की कुछ भी इज्जत नहीं समझता। इसका प्रमुख कारण है कि आगरा का सांसद पत्रकारों की औकात को भली-भांति जानता है। उसे अच्छी तरह पता है कि आगरा के पत्रकारों की हैसियत क्या है। आगरा के सांसद हैं प्रोफेसर राम शंकर कठरिया, जो कि पहले आगरा विश्वविद्यालय में तैनात थे। उस समय आगरा के चंद पत्रकार अपने लाभ के लिए इनसे मिलने जाया करते थे।
इसमें बड़े बैनर के वो पत्रकार भी शामिल थे, जो कि अपनी दलाली धंधे के लिए आगरा यूनिवर्सिटी में अंक तालिका में नंबर बढ़वाने या फ़ेल को पास कराने आदि का काम करते थे। इनका सीधा पाला तब राम शंकर कठरिया से पड़ता था। तभी से उनको भली-भांति पता है कि आगरा के पत्रकारों की औकात क्या है। समय का दौर बदला और प्रोफेसर रमाशंकर कटेरिया को बीजेपी ने टिकट दे दिया और प्रोफेसर सांसद बन गये।
अब वर्तमान में जो स्थिति है, वह बहुत ही नकारात्मक है। क्योंकि एक तो सांसद पत्रकारों की बखत नहीं समझता और ऊपर से दलाल टाइप के पत्रकारों ने और पोताम्बरी करके सांसद के भाव बढ़ा दिए हैं। अभी हाल में ही आगरा आए वरुण गांधी की सुरक्षा में लगे जवानों ने जब पत्रकारों से अभद्रता कर दी तब सांसद को पीछे से यह कहते सुना गया कि ये इसी लायक हैं। बरहाल यहां के पत्रकारों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है।
आगरा से एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





