यशवंत जी, आजकल राजस्थान पत्रिका, कोटा में काफी झोल हो गया है. यह अखबार अब ओरिजन कंटेंट देने की बजाय दैनिक भास्कर का नकल करने लगा है. आप देखिए की छठ पर्व के दौरान जिस हेडिंग से भास्कर ने खबर लगाई थी, लगभग उसी हेडिंग के साथ राजस्थान पत्रिका ने यह खबर अगले दिन प्रकाशित किया. पत्रिका में आजकल ऐसा ही घोटाला चल रहा है. समचारों में कूड़ा-कचरा कुछ भी छाप दिया जा रहा है. रिपोर्टर किसी पुरानी खबर को दुबारा लिखकर बाई लाइन स्टोरी बनाते हैं.
अखबार में हेडिंग और पेज में इतनी गलती जाती है कि पढ़ने वाला दंग रह जाता है. किसी भी घटिया समाचार को लीड छाप दिया जाता है. ऐसा लगता है कि देखने वाला कोई नहीं है. ऊपर बैठे लोगों में गुटबाजी के कारण अखबार का कबाड़ा हो रहा है.


एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





