एक खबर मेल के जरिए भड़ास के पास आई है. इसकी सत्यता को लेकर कोई दावा नहीं किया जा सकता क्योंकि अंदरखाने चलने वाले वाद-विवाद की सच्चाई के संबंध में प्रमाण कम ही मिल पाते हैं. पर यह भी सच है कि आग वहीं है जहां धुआं है. अगर संबंधित पक्षों को कुछ कहना या बताना हो तो वे मेल कर सकते हैं या नीचे दिए गए कमेंट बाक्स का सहारा ले सकते हैं. -एडिटर, भड़ास4मीडिया
रिपोर्टरों के लिए काल बन चुके हिंदुस्तान, नोएडा के न्यूज एडिटर सुनील द्विवेदी और ब्यूरो चीफ चेतन आनंद के बीच लड़ाई हो गई. इस बार लड़ाई का कारण नोएडज्ञ के सेकेंड इंचार्ज महकार सिंह ढिल्लन बने हैं. सुनील द्विवेदी ऑफिस और व्यक्तिगत काम महकार ढिल्लन को बताते हैं. ऑफिस के कामकाज में दखल से चेतन आनंद को परेशानी हो रही थी. पूरे ब्यूरो में बात हो रही है कि सुनील अब महकार को ब्यूरो चीफ बनाना चाहते हैं.
चार दिसम्बर को सुबह की मीटिंग में चेतन आनंद ने इसका विरोध किया, जिस पर सुनील द्विवेदी और चेतन आनंद के बीच जमकर विवाद हुआ. चेतन आनंद बीमारी की छुट्टी लेकर चले गए. सुनील द्विवेदी ने अपने सरपरस्त एडिटर प्रताप सोमवंशी से शिकायत की. बताया कि चेतन आनंद ने उनके साथ बदतमीजी की है. इस पर प्रताप सोमवंशी ने चेतन आनंद को बुलाया और हफ्ते की फोर्स लीव पर भेज दिया. तब से लगातार चेतन आनंद की छुट्टियां बढ़ाई जा रही हैं. सुनील द्विवेदी और प्रताप सोमवंशी ही चेतन आनंद को नईदुनिया से लेकर आए थे.
इतना ही नहीं चेतन आनंद नईदुनिया में सब एडिटर थे लेकिन सुनील द्विवेदी की सिफारिश पर सीधे चीफ सब एडिटर भर्ती किया गया. गाजियाबाद का ब्यूरोचीफ बनाया गया. नोएडा आने के बाद सुनील द्विवेदी ने महकार ढिल्लन को भी अमर उजाला से लाकर हिंदुस्तान ज्वाइन करवाया. इसी कारण महकार को ब्यूरो चीफ बनाने की जुगत में हैं. करीब 16 महीने पहले सुनील ने नोएडा में ज्वाइन किया. इन्हीं की वजह से अब तक लगातार लोग हिंदुस्तान छोड़ कर जा रहे हैं. चेतन आनंद इस कड़ी में बारहवें व्यक्ति होंगे.





